
couple cremated on same pyre in ashoknagar (फोटो -Patrika.com)
MP News: अभी हाथों की मेहंदी का रंग पूरी तरह छूटा भी नहीं था, शादी के कंगन और खुशियों की गूंज अभी घर-आंगन में बाकी ही थी कि नियति ने हंसते-खेलते जोड़े को बेरहमी से छीन लिया। शादी के मंडप में अग्नि को साक्षी मानकर सात जन्मों तक साथ निभाने का वादा करने वाले नवदंपति का सफर महज 25 दिनों में ही थम गया। शुक्रवार को सीहोर जिले के सलकनपुर में हुए दर्दनाक सडक़ हादसे ने अशोकनगर जिले के एक परिवार की खुशियों को ताउम्र के मातम में बदल दिया। शनिवार को जब दोनों के पार्थिव शरीर उनके गृह ग्राम पहुंचे, तो पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसर गया और बेहद गमगीन माहौल में एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
शाढ़ौरा के प्रसिद्ध गणेश मंदिर के पुजारी बाबूराव दीक्षित के बड़े पुत्र 25 वर्षीय आशुतोष दीक्षित की शादी 20 अप्रेल को भोपाल निवासी ज्योति दीक्षित के साथ हुई थी। आशुतोष और ज्योति दोनों ही भोपाल की एक निजी कंपनी में कार्यरत थे। शादी के बाद नई जिंदगी की शुरुआत की मन्नत मांगने के लिए शुक्रवार सुबह दोनों स्कूटी पर सवार होकर सीहोर जिले के प्रसिद्ध सलकनपुर मंदिर में माता के दर्शन करने गए थे। मत्था टेककर जब यह नवदंपति वापस लौट रहा था, तभी रेंहटी के समीप एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि आशुतोष और ज्योति दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
टक्कर की तस्वीरें हादसें की भयावहता को बयां कर रही हैं। नवदंपति के सिर में गंभीर चोट आई थी और सडक़ पर पूरे में खून ही खून बिखरा पड़ा हुआ था। जिसकी वजह से दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। शनिवार को जैसे ही दोनों के पार्थिव शरीर उनके घर शाढ़ौरा पहुंचे, तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे कस्बे की आंखें नम हो गईं। जिसने भी इस दर्दनाक हादसे के बारे में सुना, वह स्तब्ध रह गया। इससे पूरे कस्बे में गमगीन माहौल रहा और कस्बे में पूरे दिन हर जगह इसी घटना पर चर्चा होती रही।
कस्बे में दोपहर को दोनों की अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के लोग शामिल हुए। 25 दिन पहले जिन हाथों ने एक-दूसरे का हाथ थामा था, शनिवार को उन दोनों के शवों को एक ही चिता पर सजाया गया। अग्नि को साक्षी मानकर साथ जीने-मरने की कसमें खाने वाले इस जोड़े को एक साथ एक ही चिता पर मुखाग्नि दी गई। इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर श्मशान घाट पर मौजूद की आंख नम नजर आई।
Updated on:
17 May 2026 03:41 pm
Published on:
17 May 2026 03:41 pm
