बच्चों के टीकाकरण पर रार, जच्चा वार्ड में नहीं लग रहे २४ घंटे के अंदर लगने वाले टीके
अशोकनगर। बच्चों के टीकाकरण पर जिला अस्पताल में विवाद की स्थिति बनी हुई है। एमसीएच स्टाफ ने मेटर्निटी वार्ड के स्टाफ पर जानबूझकर अपनी ड्यूटी न करने का आरोप लगाया है। जिसके कारण उन पर काम का अतिरिक्त दवाब बना हुआ है।
जिला अस्पताल मे टीकाकरण केन्द्र (एमसीएच) में बुधवार को सुबह नवजात शिशिुओं को टीका लगवाने के लिए एक के बाद एक लोग पहुंच रहे थे। ये सभी शिशु २४ घंटे के भीतर जन्मे थे, जिन्हें विटामिन के, हेपेटाईटिस बी के टीके लगने थे। केन्द्र के स्टाफ ने बताया कि ये टीके सरकार के नियमानुसार जच्चा वार्ड में ही लगने चाहिए। लेकिन हेपेटाईटिस बी का टीका एमसीएच में और विटामिन के का डोज एसएनसीयू की नर्सों से दिलवा दिया जाता है। जबकि सरकार के नियमानुसार ये दोनों टीके मेटर्निटी वार्ड में ही लगाए जाने चाहिए। इस संबंध में जिला टीकाकरण अधिकारी डा. एलडीएस फूंकवाल व सीएमएचओ डा. जेआर त्रिवेदिया से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन स्विच ऑफ मिला।
लगाना नहीं आता टीका
मेटर्निटी वार्ड की नर्सों का कहना है कि उन्हें टीका लगाना नहीं आता। जबकि टीकाकरण केन्द्र के स्टाफ के अनुसार वे कई बार मेटर्निटी वार्ड में जाकर टीका लगाने का तरीका बता चुकी हैं। इसके बावजूद वे टीकाकरण करने को तैयार नहीं है। सरकार के निर्देशों की अव्हेलना की जा रही है। हर रोज कम से कम एक दर्जन डिलिवरी तो होती ही हैं, इन सभी बच्चों को टीकाकरण के लिए उनके पास भेज दिया जाता है।
इनका कहना है
हमारी बहन का बच्चा है। डिलिवरी रात में हुई थी। वार्ड से नर्सों से यहां टीकाकरण के लिए भेजा है। पर, यहां तो कुछ और ही हालात देखने को मिले।
शर्मा बाई प्रजापति, सींगोन।
सुबह ४ बजे बहु की डिलिवरी हुई थी। नर्सों ने कहा कि टीका लगवा लाओ तो यहां टीका लगवाने आ गए।
राजकुमारी बाई, प्याऊ।
टीकाकरण का मामला सीएमएचओ कार्यालय से संबंधित है। इसलिए इस संबंध में वे ही सही जानकारी दे पाएंगे।
डा. एवी मिश्रा, सिविल सर्जन जिला अस्पताल।