लगातार ढाई घंटे तक इंटरसिटी एक्सप्रेस मुंगावली स्टेशन पर ही खड़ी रही मरीज परेशान हुए
अशोकनगर. ट्रेनों की लेटलतीफी यात्रियों की परेशानी बन गई है। हालत यह है कि भोपाल जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस को अशोकनगर से मुंगावली तक की 46 किमी दूरी तय करने में जहां पौने तीन घंटे का समय लगा, तो वहीं इंजन में गाय फंस जाने से अचानक इंजन फेल हो गया और लगातार ढाई घंटे तक इंटरसिटी एक्सप्रेस मुंगावली स्टेशन पर ही खड़ी रही। इससे ट्रेन में मरीज और बच्चे तो परेशान हुए ही, वहीं जरूरी कामों की वजह से भोपाल जा रहे लोग भी देर रात तक नहीं पहुंच पाए। इससे सोशल मीडिया पर यात्रियों की जमकर नाराजगी दिखी।
ग्वालियर-भोपाल इंटरसिटी एक्सप्रेस मंगलवार को अशोकनगर से तो सुबह 11.56 बजे छूट गई, लेकिन 46 किमी दूर स्थित अगले स्टेशन मुंगावली तक पहुंचने में ट्रेन को पौने तीन घंटे का समय लगा। जबकि इसे 45 मिनट में मुंगावली पहुंच जाना था, लेकिन ट्रेन दोपहर 2.45 बजे मुंगावली पहुंची। जहां से वह कुछ ही मीटर चल पाई और इंजन में गाय फंस जाने से इंजन फेल हो गया। इससे ट्रेन 2 घंटे 23 मिनट मुंगावली स्टेशन पर ही रुकी रही।
बाद में बीना से दूसरा इंजन मंगाया गया और इंटरसिटी एक्सप्रेस 5.08 बजे मुंगावली से बीना के लिए रवाना हो सकी। रोजाना इसी तरह से यात्री ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं और घंटों तक ट्रेनों के स्टेशनों पर रुके रहने से नाराज यात्रियों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई। साथ ही यात्रियों की समस्याओं की अनदेखी के लिए रेल अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर सवाल भी उठाए। यात्रियों का कहना है कि रोजाना ट्रेनों को घंटों स्टेशनों पर रोककर यात्रियों को जानबूझकर परेशान किया जाता है।
ट्रेन में मरीज और बच्चे भी हुए घंटों परेशान
गुना और अशोकनगर जिले से लोग बड़ी संख्या में इसी टे्रन से भोपाल जाते हैं, तो वहीं बड़ी संख्या में मरीज भी इलाज कराने भोपाल इसी एक्सप्रेस ट्रेन से जाते हैं।
मुंगावली स्टेशन पर ही रुकी रही
ट्रेन का भोपाल पहुंचने का समय दोपहर तीन बजे का है, लेकिन मंगलवार को ट्रेन 5:08 बजे तक मुंगावली स्टेशन पर ही रुकी रही। इससे ट्रेन में मरीज और बच्चे परेशान होते रहे, तो वहीं अन्य यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं स्टेशन पर इतने लंबे समय ट्रेन रुकने की स्टेशन पर कोई घोषणा नहीं हुई, इससे यात्री चाय-नाश्ता के लिए भी परेशान होते रहे।
अन्य ट्रेनें भी दो से तीन घंटे की देर से चलीं
यह सिर्फ एक ही ट्रेन की बात नहीं, बल्कि अन्य ट्रेनें भी दो से तीन घंटे देरी से चलीं। बीना-ग्वालियर पैसेंजर अशोकनगर ढाई घंटे की देरी से, गुना-बीना पैसेंजर पौंने दो घंटे, दरभंगा-अहमदाबाद साबरमती एक्सप्रेस तीन घंटे की देरी से अशोकनगर पहुंची।
ट्रेनों के यही हाल हैं
वहीं कोटा-बीना पैसेंजर अशोकनगर तो 45 मिनट देरी से आई, लेकिन मुंगावली दो घंटे की देरी से पहुंची और आधा घंटे तक मुंगावली ही रुकी रही। इसके अलावा रात के समय भी ट्रेनें भी दो से तीन घंटे की देरी से चलीं। यह एक दिन की बात नहीं, बल्कि रोजाना ही ट्रेनों के यही हाल हैं।
इलाज के लिए जारहे थे, परेशानी हुई
बहन को इलाज के लिए भोपाल ले जा रहे थे, सवा पांच बजे तक ट्रेन मुंगावली से रुकी रही और रेलवे ने भी इतनी देर तक ट्रेन रुकने की कोई घोषणा नहीं की। बहन की तबीयत खराब थी और ट्रेन में उसकी हालत जयादा बिगढ़ती देख, दोस्त को फोन कर बीना में दवाईयां मंगाना पड़ी।
जयसिंह,यात्री अशोकनगर
डीआरएम से करेंगे शिकायत
ट्रेन अशोकनगर से 12 बजे चली और मुंगावली में सवा पांच बजे तक रुकी रही। ट्रेन में मरीज और बच्चे परेशान होते रहे, लोगों को चाय-नाश्ता नहीं मिला और इतने लंबे समय रुकने की न तो स्टेशन पर कोई घोषणा की गई और न हीं रेलवे ने कोई व्यवस्था की। बच्चे और मरीज तड़पते रहे। डीआरएम से शिकायत करेंगे।
रमेश नायक, यात्री अशोकनगर