अशोकनगर

Ashoknagar Fake IAS: 5 स्टार होटलों की शौकीन थी तृप्ति सिंह, भारत सरकार लिखी गाड़ी में घूमती, घर में सजा रखे थे मोमेंटो

Ashoknagar Fake IAS Tripti Singh Case: चंदेरी के युवाओं को चूना लगाकर लाखों की ठगी करने वाली फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह राजपूत के भोपाल स्थित ससुराल और मायके पर पुलिस ने दी दबिश।
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Aug 28, 2026
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Ashoknagar Fake IAS Tripti Singh Case: फर्जी आईएएस के भोपाल स्थित ससुराल और मायके पर पुलिस की दबिश (फोटो सोर्स- Patrika)

Fake IAS Tripti Singh Case: मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के चंदेरी में सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर बेरोजगार युवाओं की जेब पर डाका डालने वाली फर्जी आइएएस तृप्तिसिंह राजपूत के हाई-प्रोफाइल ठगी साम्राज्य का पुलिस ने पूरा कच्चा चिट्ठा खोल दिया है। खुद को मानव संसाधन विकास मंत्रालय की अधिकारी और टूरिज्म विभाग की एडिशनल डायरेक्टर बताकर चंदेरी के चार युवाओं से 9.80 लाख रुपए ठगने वाली मास्टरमाइंड तृप्ति और उसके भाई सुधांशु को गुरुवार को न्यायालय ने जेल भेज दिया है। पुलिस की तीन दिन की रिमांड पूछताछ और भोपाल में हुई छापेमारी में चौकाने वाले खुलासे हुए है, जिनसे पता चला है कि ठगी के रुपयों से यह शातिर महिला कितनी लग्जरी लाइफ जी रही थी।

भारत सरकार लिखी कार जब्त, ड्राइवर भी गिरफ्तार

मामले की जानकारी देते हुए चंदेरी थाना प्रभारी प्रशांत यादव ने बताया कि 23 अगस्त 2026 को जयकुमार कोली और उनके साथियों की रिपोर्ट पर फर्जी आइएएस और उसके भाई को गिरफ्तार किया गया था। इस न्यायालय से तीन दिन का पुलिस रिमांड मिलने के बाद टीम भोपाल गई थी। पुलिस ने अयोध्या नगर भोपाल निवासी डाइवर भूपेंद्र बैरागी को भी गिरफ्तार कर लिया है जिसके पास से वह कार भी बरामद कर ली गई है, जिस पर भारत सरकार (नेम प्लेट) लिखा रहता था और जिसका इस्तेमाल ठगी के लिए रौब जमाने में होता था।

साक्ष्य मिटाया तो बढ़ गई एक और धारा

आरोपियों के घर संत आसाराम नगर बागमुगलिया से फरियादियों से लिए गए दस्तावेजों की छायाप्रतियां जब्त की गई। थाना प्रभारी के मुताबिक मूल दस्तावेज संभवतः आरोपियों द्वारा नष्ट कर दिए गए हैं, जिसके चलते मामले में साक्ष्य मिटाने की धारा भी बढ़ाई गई है।

जमानत आवेदन खारिज, भेजे गए जेल

पुलिस ने इस मामले में नए सबूत मिलने के बाद प्रकरण में धारा 319(2) और 61(2) बीएनएस का इजाफा किया है। गुरुवार को रिमांड खत्म होने पर तीनों आरोपियों तृप्तिसिंह, सुधांशुसिंह और ड्राइवर भूपेंद्र बैरागी को न्यायालय में पेश किया गया। आरोपियों के परिजनों ने जमानत के लिए आवेदन लगाया था, लेकिन न्यायालय ने तीनों को जेल भेज दिया है।

आईफोन, हवाई यात्रा और फाइव स्टार होटल जैसे महंगे शौक

पुलिस रिमांड के दौरान जब जांच टीम आरोपियों को लेकर भोपाल पहुंची, तो उनके मायके (बागमुगलिया) और ससुराल (अलकापुरी) दोनों जगहों पर सघन तलाशी ली गई। जांच में यह बात सामने आई कि चंदेरी के युवाओं से लूटे गए पैसों से आरोपी तृप्तिसिंह लग्जरी लाइफ जी रही थी। पुलिस को घर से महंगे आईफोन खरीदने की रसीदें मिली हैं। वह महंगी होटलों में रुकने की शौकीन थी, ठगी के रुपयों से ही वह हवाई यात्राएं करती थी, जिसके टिकट और अन्य साक्ष्य पुलिस के हाथ लगे हैं। आरोपियों के बड़े-बड़े होटलों में रुकने और फ्लाइट्स से यात्रा करने के सुबूत पुलिस जांच में सामने आए हैं।

घर में सजा रखे थे खुद के नाम के फर्जी मोमेंटो

पुलिस की छापेमारी में जो तस्वीरें सामने आई हैं। वह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं हैं। लोगों पर रौब झाडने व खुद को बड़ा अधिकारी साबित करने आरोपी महिला ने फर्जी अवॉर्ड और ट्रॉफियां बनवा रखी थीं। आरोपी के ससुराल (अलकापुरी) से पुलिस ने सुनहरे रंग की ट्रॉफी (मोमेंटो) जब्त की है। इस लकड़ी व सुनहरे रंग की शील्ड पर बकायदा अशोक स्तंभ लगा हुआ है। शील्ड पर बड़े अक्षरों में लिखा है 11 जनवरी से 26 जनवरी 2024, डॉ. तृप्तिसिंह यंगेस्ट ऑफिसर ट्रेनी प्रोफेसर ऑफ मप्र। यह फर्जी ट्रॉफी लोगों को विश्वास दिलाने थी कि वह एक सम्मानित अधिकारी है।

तीन-चार अन्य लोगों की भी चल रही तलाशी- एसपी

आरोपियों का तीन दिन का पीआर खत्म हो गया है। कुछ और भी साक्ष्य अभी संकलित करना है, आगे आवश्यकता अनुसार जरूरत होगी तो फिर से आरोपियों की पीआर ली जाएगी। तीन-चार अन्य लोगों के साथ भी फ्रॉड होने की जानकारी प्रारंभिक तौर पर आई है, जो जिले से बाहर के हैं, उनसे पूछताछ की जाएगी यदि फ्रॉड हुआ है तो संबंधित थानों को सूचना दी जाएगी। मामले में दो आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।- राजीवकुमार मिश्रा, एसपी अशोकनगर

Updated on:
28 Aug 2026 11:04 am
Published on:
28 Aug 2026 11:04 am