
chanderi fake ias job fraud case brother sister arrest, पुलिस की गिरफ्त में आरोपी भाई-बहन (Source-Patrika)
Chanderi Job Fraud Case: मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले में सरकारी नौकरी की चाह में बैठे बेरोजगारों की जेब पर डाका डालने वाले एक बेहद शातिर और हाई-प्रोफाइल ठग गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मध्य प्रदेश टूरिज्म विभाग की एडिशनल डायरेक्टर (IAS अधिकारी) और मानव संसाधन विकास मंत्रालय की हेड बनकर भोपाल की एक महिला ने चंदेरी के चार युवाओं से 9 लाख 80 हजार रुपये की ठगी को अंजाम दिया। पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के सख्त निर्देशों के बाद चंदेरी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड महिला और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरी ठगी चंदेरी की शाही किला कोठी-में बैठकर रची गई थी।
यह सनसनीखेज मामला 7 अप्रैल 2025 से शुरू हुआ था। भोपाल के बाग मुगलिया (संत आशाराम नगर) निवासी तृप्ति सिंह राजपूत (30 वर्ष) अपने भाई सुधांशु सिंह (23 वर्ष) और साथी तनुज बैश्य व अंजली सिंह के साथ चंदेरी घूमने आई थी। यह गिरोह वीआईपी अंदाज में चंदेरी की मशहूर किला कोठी में ठहरा था। यहीं तृप्ति ने अपना रसूख दिखाते हुए स्थानीय युवाओं जयकुमार कोली, विजय कुमार दुबे, ऋतिक शर्मा और राघव सोनी को अपने जाल में फंसाया। उसने खुद को मानव संसाधन विकास मंत्रालय का हेड बताते हुए इन युवाओं को केंद्र सरकार में पक्की नौकरी और बेहतरीन सैलरी का लालच दिया।
आरोपियों ने नौकरी लगवाने के एवज में प्रति व्यक्ति 3 लाख रुपए की मांग की। महिला के हाव-भाव और उसके वीआइपी रुतबे को देखकर युवा झांसे में आ गए। उन्होंने अपने भविष्य के सपने बुनते हुए कुल 9 लाख 80 हजार रुपए नकद और अपने सभी जरूरी सरकारी दस्तावेज किला कोठी में ही आरोपियों को सौंप दिए। बाकी के 2 लाख रुपए नौकरी लगने के बाद देने की बात तय हुई थी। जब युवाओं को ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने चंदेरी थाने में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने तत्काल पुलिस टीमों को सक्रिय किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतरसिंह कनेश और एसडीओपी महेश कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में चंदेरी थाना प्रभारी प्रशांत यादव ने मुखबिरों और तकनीकी साक्ष्यों का जाल बिछाया। पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी तृप्ति सिंह और उसके भाई सुधांशु को महिला पुलिस की मौजूदगी में गिरफ्तार कर लिया। कड़ी पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। गिरोह के फरार साथी तनुज बैश्य और अंजली सिंह की तलाश की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह ने प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह से बेरोजगारों को अपना शिकार बनाया है।
Updated on:
23 Aug 2026 06:35 pm
Published on:
23 Aug 2026 06:35 pm
