
सागा ठगी का मास्टरमाइंड समीर अग्रवाल विदेश भागा - Demo pic- source- AI Grok
Sameer Aggarwal : कई गुना रिटर्न का झांसा देकर लाखों लोगों की गाढ़ी कमाई लूटने वाले सागा समूह के खिलाफ क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट ने शिकंजा कसा है। पुलिस मुख्यालय की सीआइडी विंग द्वारा तैयार रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि सागा समूह ने मध्यप्रदेश में 'लस्टिनेस जनहित मल्टीस्टेट क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी' (एलजेसीसी) नामक डमी फर्म बनाकर ठगी का जाल बिछाया था। ऊंचे रिटर्न के लालच में आकर प्रदेश के 2.10 लाख से ज्यादा नागरिकों ने करीब 8.90 अरब रुपए गंवा दिए। अरबों की कमाई कर समूह का कर्ताधर्ता समीर अग्रवाल दुबई भाग चुका है।
ईडी द्वारा समीर और उसके सहयोगियों की करोड़ों की संपत्तियां व शेयर जब्त
हालांकि वर्तमान में ईडी और सीबीआइ ने भी शिकंजा कस रखा है। ईडी द्वारा समीर और उसके सहयोगियों की करोड़ों की संपत्तियां व शेयर जब्त किए जा चुके हैं। उसे अरेस्ट करने के लिए लुकआउट सर्कुलर जारी कर इनाम भी घोषित किया गया है।
सागा समूह ने शेल कंपनियों और डमी फर्म से लोगों को अपना निशाना बनाया। यूपी, दिल्ली व उत्तराखंड में एलयूसीसी, मध्यप्रदेश में एलजेसीसी, असम, बिहार, बंगाल व झारखंड सहित 8 राज्यों में ह्यूमन, गुजरात-राजस्थान में श्री सारनेश्वर, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ व कर्नाटक में श्री स्वामी विवेकानंद, पंजाब में विश्वास और छत्तीसगढ़ में यशोदीप नाम से फर्जी सोसायटियां चलाकर ठगी की।
सागा समूह ने झांसी से सटे यूपी-एमपी के सीमावर्ती इलाकों को मुख्य ठिकाना बनाकर चंद सालों में अरबों का नेटवर्क खड़ा कर दिया। प्रदेश के थानों टीकमगढ़ कोतवाली, अशोकनगर के चंदेरी, भोपाल और यूपी के ललितपुर में करीब 14 एफआइआर दर्ज हैं। शुरुआती दौर में पुलिस लोकल एजेंटों पर कार्रवाई करती रही, जिससे मुख्य फाइलें ठंडे बस्ते में चली गईं। 16 राज्यों में 10 हजार करोड़ की चपत लगाई।
सागा समूह का कर्ताधर्ता और मास्टरमाइंड समीर अग्रवाल विदेश भाग चुका है। उसके दुबई में छिपे होने की आशंका है। समीर ने 2009 से आरडी, एफडी और सुकन्या जैसी सरकारी योजनाओं से मिलते- जुलते नाम रखकर फर्जी चिटफंड सोसायटियां बनाईं और देश के 16 राज्यों में गरीब, मजदूरों व किसानों से करीब 10,000 करोड़ ऐंठ लिए।
सागा समूह ने प्लानिंग से महाघोटाला किया। अभी तक की जांच में 2.10 लाख लोगों से ठगी की बात सामने आई है। सागा समूह ने शेल कंपनियां बनाकर निवेशकों से जालसाजी की। इसके लिए विभिन्न राज्यों में शेल कंपनियों का जाल बिछा लिया था।
Updated on:
26 Aug 2026 06:51 am
Published on:
26 Aug 2026 06:48 am
