अशोकनगर

‘हमसे सिलेंडर लेते ही नहीं…तो कैसे दें’, गैस एंजेसी ने पासबुक पहचानने से किया इंकार

lpg gas cylinder shortage: एजेंसी के कर्मचारी उन उपभोक्ताओं और पासबुक को पहचानने तक से इंकार कर रहे हैं...
2 min read
Mar 26, 2026
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा—प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक, किसी प्रकार की कमी नहीं, अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
PNG MP News- Demo pic

lpg gas cylinder shortage: शहर में रसोई गैस की किल्लत अब लोगों की परेशानी बनने लगी हैं। बीते दिन गुना रोड स्थित गैस एजेंसी के गोदाम पर उपभोक्ताओं ने जो आरोप लगाए उसने न केवल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि फर्जीवाड़े की भी आशंका जता दी है। एजेंसी के कर्मचारी उन उपभोक्ताओं और पासबुक को पहचानने तक से इंकार कर रहे हैं, जिनकी पासबुक पर पिछले महीने तक की डिलीवरी दर्ज है।

उपभोक्ताओं का आरोप है कि उन्हें हर महीने घर पर ही सिलेंडर मिलता था और कनेक्शन बुक पर हर महीने की एंट्री है। 12 फरवरी तक सिलेंडर मिलने के रिकॉर्ड दर्ज हैं। लेकिन अब एजेंसी कर्मचारियों ने इसे अपना रिकॉर्ड मानने से ही मना कर दिया है। कह रहे हैं कि हमने न कभी तुम्हें सिलेंडर दिए हैं और न ही यह कनेक्शन बुक हमारी है। तो वहीं कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि एजेंसी कर्मचारी कह रहे हैं कि तुम हमसे सिलेंडर लेते ही नहीं थे तो कैसे दे दें। इससे यह मामला सीधे तौर पर गैस की कालाबाजारी या कागजों में हेरफेर का संकेत करता नजर आ रहा है।

सड़क पर सिलेंडर रख चक्काजाम, रोके वाहन

सुबह से गैस एजेंसी के गोदाम पहुंचे उपभोक्ताओं ने परेशान होकर सड़क पर सिलेंडर रखकर चक्काजाम कर दिया। नारेबाजी की और वाहन रोक दिए। इससे काफी देर तक हंगामा चला, सूचना मिली तो पुलिस ने पहुंचकर समझाया, तब लोग हटे और पुलिस के कहने पर अंदर जाकर बैठे। जहां एजेंसी कर्मचारियों ने उनकी कनेक्शन बुक चैक की और कहा कि जिन-जिन के नंबर लगे होंगे उन्हें सिलेंडर पहुंचा देंगे। वहीं जिन लोगों को सिलेंडर देने से मना कर दिया, वह मायूस होकर लौटे।

उज्जवला घोटाला: चार साल बाद भी नहीं मिले कनेक्शन

जिले के मुंगावली में उज्जवला योजना में चार साल पहले बड़े घोटाले का खुलासा हुआ था। करीब एक हजार से अधिक महिलाओं के नाम पर रिकॉर्ड में कनेक्शन तो जारी हुए, लेकिन न उन्हें कनेक्शन बुक या कनेक्शन नंबर मिला था और न हीं गैस सिलेंडर व चूल्हा। गड़बड़ी पर शासन ने एजेंसी तो बंद कर दी और एजेंसी पर रिकवरी निकाली थी, लेकिन अब तक उन महिलाओं के नाम पर उज्जवला योजना के नाम से गैस कनेक्शन दर्ज हैं, फिर भी उन्हें न गैस सिलेंडर मिल रहे हैं और न चूल्हा। इससे वह महिलाएं भी भटक रही हैं।

मामले की जांच कराई जाएगी

यदि कनेक्शन बुक को अपना मानने से इंकार किया जा रहा है तो मामले की जांच कराई जाएगी कि कारण क्या है। यह भी पता करेंगे कि पहले सिलेंडर कैसे दिए जा रहे थे। मुंगावली में दुकानों से चार सिलेंडर जब्त किए हैं और अशोकनगर में भी दुकानों पर कार्रवाई हुई है।- प्राची शर्मा, खाद्य अधिकारी

मैं एक साल से नगेश्री रोड पर सिलेंडर ले रहा हूं। एजेंसी की गाड़ी कनेक्शन बुक पर दर्ज कर सिलेंडर दे जाती थी। 12 फरवरी को भी सिलेंडर मिला। वहां कई दिनों से गाड़ी नहीं आई। आज गोदाम आए तो कर्मचारी कह रहे हैं तुमने हमसे कभी सिलेंडर लिया ही नहीं है, कह रहे हैं किताब व हस्ताक्षर भी हमारे नहीं हैं।- राजेश कुशवाह, उपभोक्ता पठार क्षेत्र

20 जनवरी को गैस सिलेंडर मिला था। इसके बाद आज तक नहीं आया है। एजेंसी पर फोन लगा रहे हैं तो वह उठा नहीं रहे हैं, यहां आने पर कह रहे कि ओटीपी आएगी तो ही सिलेंडर मिलेगा। बार-बार प्रयास के बाद भी ओटीपी नहीं आ रही है।- अरविंद यादव, उपभोक्ता त्रिलोकपुरी

Updated on:
26 Mar 2026 01:55 pm
Published on:
26 Mar 2026 01:55 pm