7 अगस्त 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

LPG गैस सिलेंडर की ‘पैनिक बुकिंग’ बंद, 9% सिलेंडर का कोटा तय

LPG cylinder shortage: जिला खाद्य नियंत्रक सीएस जादौन के अनुसार कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति तय कोटा के अनुसार शुरू कराई गई है।
2 min read
Google source verification
LPG cylinder shortage

LPG cylinder shortage (Photo Source - Patrika)

LPG cylinder shortage: मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में एलपीजी संकट के बीच पैनिक बुकिंग तो बंद हो गई, लेकिन खानपान स्टॉल, होटल, रेस्त्रां से जुड़े दुकानदार- कारोबारियों की परेशानी खत्म नहीं हुई है। कलेक्टर के पास अलग-अलग माध्यमों से अब तक 1200 आवेदन पहुंचे हैं, जिसमें कमर्शियल सिलेंडर आपूर्ति की मांग की है।

हालांकि बीते दिन शासन के आदेश के बाद कुल मांग का 9 फीसदी तक कमर्शियल सिलेंडर होटल- रेस्त्रां को देने की कवायद की जा रही है। आदेश के बाद होटल- रेस्त्रां संचालक अपनी डिमांड लेकर प्रशासन के पास पहुंचे। यहां से तय कोटा के अनुसार 750 सिलेंडर जारी कराए गए हैं।

तय़ किए गए रेट

जिला खाद्य नियंत्रक सीएस जादौन के अनुसार कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति तय कोटा के अनुसार शुरू कराई गई है। एलपीजी संकट के बीच जिले की चार निजी कंपनियों ने कमर्शियल सिलेंडर जमकर विक्रय किए। कंपनियों की ओर से अपने एजेंट्स के लिए सिलेंडर की दर 1600 रुपए से बढ़ाकर 2300 रुपए तय की और एजेंट्स ने इन्हें 3500 से 4000 रुपए तक विक्रय किया। होटल- रेस्टोरेंट से लेकर हॉस्टल तक में निजी कंपनियों के सिलेंडर खूब बिके।

300 से अधिक छोटे कारोबारियों की दुकानें बंद

सिलेंडर संकट ने खानपान सेंटर के छोटे कारोबारियों की दुकानदारी बंद कर दी। 300 से अधिक स्टॉल बंद हुए। कोलार के कटियार मार्केट से लेकर नेहरू नगर, करोद और आसपास दुकानदारों ने दुकानें बंद कर दी। होटल संचालक बोले- तालाबंदी की नौबत आई है। दुकानदारों को घरेलू गैस सिलेंडर देने की बातें भी बाजार में फैली, हालांकि जिला नियंत्रक सीएस जादौन ने कहा, ऐसा नहीं है।

आदेश नहीं आने से किल्लत

बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन में 10 प्रतिशत कमर्शियल सिलेंडर देने का प्रावधान है, लेकिन सप्लाई के स्पष्ट आदेश नहीं मिलने से प्रदेश में गैस की किल्लत हो गई। इसी कारण होटल-रेस्टोरेंट कारोबार पर संकट गहरा गया। हालांकि अब इसमें राहत मिलेगी।

ये थी गाइलाइन

बीते दिन आई नई गाइलाइन के तहत होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई दुकानों को 9-9 प्रतिशत गैस आवंटित की गई है, जबकि ढाबा और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को 7 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। वहीं फार्मास्यूटिकल, फूड प्रोसेसिंग और पॉली पैक उद्योगों को 5 प्रतिशत और अन्य उद्योगों व जरूरतमंद श्रेणियों को भी 5 प्रतिशत तक गैस उपलब्ध कराई जाएगी।

कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति 5 किलोग्राम, 19 किलोग्राम, 47.5 किलोग्राम और 425 किलोग्राम के पैक में की जाएगी। वितरण की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए उपभोक्ताओं की दैनिक खपत का रिकॉर्ड रखा जाएगा और उसी के आधार पर आपूर्ति तय की जाएगी।