14 मई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भोपाल में पकड़ाए 500 के नकली नोटों का निकला पाकिस्तान कनेक्शन, बांग्लादेश के रास्ते भारत पहुंचाई गई खेप

Fake 500 Rupee Notes : राजधानी में पकड़ाए 1 लाख 40 हजार के नकली नोटों के केस में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। गिरफ्तार आरोपी डॉक्टर से पूछताछ और पुलिस जांच में नकली नोटों का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क उजागर हुआ है।

3 min read
Google source verification
Fake 500 Rupee Notes

भोपाल में पकड़ाए 500 के नकली नोटों का निकला पाकिस्तान कनेक्शन (Photo Source- patrika)

Fake 500 Rupee Notes :मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पिछले दिनों पकड़े गए 1 लाख 40 हजार रुपए के नकली नोटों के मामले की जांच में अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में पता चला है कि, नकली भारतीय करेंसी बांग्लादेश के रास्ते भारत के पश्चिम बंगाल से एंटर कराई जा रही थी। यही नहीं, नकली नोटों के तार पाकिस्तान से भी जुड़े पाए गए हैं। मामले में पकड़ाए पश्चिम बंगाल के बीरभूम में रहने वाले आरोपी डॉ. सैफुल इस्लाम से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं।

जांच में पता चला है कि, गिरोह का संचालन पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और मालदा इलाके से किया जा रहा था। नेटवर्क का मास्टरमाइंड शरीफ उल इस्लाम उर्फ शरीफ उल्ला बताया जा रहा है। आरोपी का बड़ा भाई समीर उल इस्लाम सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में तैनात रहा है।

भोपाल में सैफुल इस्लाम के जरिए खपाए जा रहे थे नकली नोट

पुलिस जांच के अनुसार, समीर सीमा क्षेत्र की निगरानी करते हुए नोटों के मूवमेंट से जुड़ी जानकारी गिरोह के सदस्यों तक पहुंचाता था, जिसका इस्तेमाल कर बांग्लादेश के रास्ते नकली नोटों की खेप भारत लाई जाती थी। शरीफउल्ला ही भोपाल में रह रहे सैफुल इस्लाम को नकली नोट भेज रहा था।

मुर्शिदाबाद से पुलिस के हाथ आईं अहम जानकारियां

बताया जा रहा है कि, सैफुल की गिरफ्तारी के बाद भोपाल पुलिस की एक टीम आरोपी की निशानदेही पर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद पहुंची थी। हालांकि, मुख्य आरोपी पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो गया, लेकिन उसके नेटवर्क और गतिविधियों से संबंधित कई अहम जानकारियां पुलिस के हाथ लगी हैं।

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से कनेक्शन

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की पहले हुई जांच में सामने आ चुका है कि, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी नकली भारतीय करेंसी बांग्लादेश के रास्ते भारत पहुंचाने की गतिविधि रखती है। इसकी शुरुआती जांच में ये भी पा चला है कि, नकली नोटों में इस्तेमाल कागज और प्रिंटिंग तकनीक बेहद उन्नत थी, जिससे असली और नकली नोट में फर्क करना बड़ा मुश्किल था।

भोपाल में हो रहा था नोट का 'ट्रायल'

पुलिस पूछताछ में सैफुल इस्लाम ने कबूल किया कि, उसे करीब 2 लाख के नकली नोट 'ट्रायल' के तौर पर भेजे गए थे। वो 28 मार्च को भोपाल पहुंचा था और कुछ ही दिनों में करीब 60 हजार रुपए के नकली नोट बाजार में चला भी चुका था। आरोपी ने कबूल किया कि, वो छोटी दुकानों और सामान्य लेन-देन में 500 रुपए के नकली नोट इस्तेमाल करता था, ताकि उसपर किसी को शक न हो। इसके अलावा वो 200 से 300 रुपए में 500 का नकली नोट बेचकर नेटवर्क फैलाने का काम भी कर रहा था।

कई राज्यों में नेटवर्क

पुलिस जांच में ये भी पता चला है कि, गिरोह का नेटवर्क मध्य प्रदेश के साथ साथ राजस्थान, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में फैला है। पुलिस के सूत्रों का कहना है कि, कोलकाता और हावड़ा को ऑपरेटिंग हब की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था, जहां से अलग-अलग राज्यों में सप्लाई चेन चल रही थी।

कर्नाटक केस से सामने आया था नाम

शरीफउल्ला का नाम पहली बार वर्ष 2018 में कर्नाटक के बेलगावी जिले में पकड़े गए नकली नोट मामले में सामने आया था। बाद में पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने वर्ष 2021 में उसे गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने अपने भाई समीर उल इस्लाम की भूमिका का खुलासा किया था। इसके बाद बीएसएफ ने समीर को सेवा से बर्खास्त कर दिया था।

आरोपी ने जिससे नकली नोट खरीदे थे, उसकी तलाश में पुलिस की टीम पश्चिम बंगाल गई थी। वह नहीं मिला है, लेकिन उसके बारे में कई जानकारियां मिली है। फरार आरोपी लंबे समय से नकली नोट का गिरोह चलाता था। उसका बड़ा भाई बीएसएफ में पदस्थ था। वह भी इसी गतिविधि में संलिप्त था, जिसके चलते उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। पूरे गिरोह की जांच जारी है।- कृष्णगोपाल शुक्ला, थाना प्रभारी, कोहेफिजा

ऐसे चेक करें 500 का असली नोट

-नोट को किसी लाइट के सामने रखने पर 500 लिखा हुआ दिखता है।
-आंख के सामने 45 डिग्री के एंगल पर नोट रखेंगे तो 500 लिखा दिखेगा।
-नोट पर देवनागरी में 500 लिखा होता है।
-नोट को हल्का मोड़ेंगे तो सिक्योरिटी थ्रीड का कलर हरा से नीला हो जाता है।
-नोट पर गवर्नर के सिग्नेचर, गारंटी क्लॉज, प्रॉमिस क्लॉज और आरबीआई का लोगो दाहिनी तरफ दिखाई देता है।
-ऊपर में बाई तरफ और नीचे सबसे दाहिनी तरफ दर्ज नंबर बाएं से दाएं की तरफ बड़े होते जाते हैं।
-वाहिनी तरफ अशोक स्तम्भ है, दाहिनी तरफ सर्कल बॉक्स में 500 लिखा है। दाहिनी और बाई तरफ 5 ब्लीड लाइंस है।