
MP News : मध्य प्रदेश के अशोक नगर रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा हादसा होने से बच गया। दरअसल, यहां एक लड़की की लापरवाही उसके लिए जानलेवा साबित ने से बाल-बाल बच गई। बता दें कि, चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास करती एक लड़की का अचानक पैर फिसल गया, जिससे वो एकाएक ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच बने गैप में गिरने लगी। इस दौरान प्लेटफॉर्म पर तैनात रेलवे के जवान ने लड़की को दौड़ता देख पहले से ही उसके पीछे दौड़ लगा दी।
दौड़ती ट्रेन पर जैसे ही लड़की ने पैर रखा, उसका नियंत्रण बिगड़ गया और वे प्लेटफार्म के गेप में गिरने लगी। इसी बीच बिजली की रफ्तार से दौड़कर आए जवान ने तुरंत ही लड़की को पकड़कर बाहर खींचा, जिससे उसकी जान बच गई। ये हैरतंगेज घटना स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
बताया जा रहा है कि, बीना-कोटा मेमू ट्रेन पर चढ़ते समय लड़की के सात ये हादसा हुआ है। आरक्षक ने दौड़ कर उसे बाहर खींचा, वरना प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच बने गेप में गिरकर अनहोनी का शिकार हो सकती थी। प्लेटफॉर्म पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो बीना से कोटा जा रही बालिका अशोकनगर स्टेशन पर पानी लेने उतरी थी। तभी अचानक ट्रेन चल पड़ी। इस दौरान बच्ची ने चलती ट्रेन पर चढ़ने की कोशिश की। लेकिन उसका पैर फिसल गया।
लड़की ट्रेन की ओर दोड़ता देख मौके पर तैनात जीआरपी आरक्षक गोविंद सिंह चौहान ने पहले ही स्थितियों को भांवते हुए लड़की के पीछे दौड़ लगा दी थी। ट्रेन की जद में आते ही उसने सूझबूझ दिखाते हुए लड़की को प्लेटफॉर्म की ओर खींच लिया, जिससे उसकी जान बच सकी। फिलहाल, लड़की को पैरों में मामूली चोटें आईं, जिसे मामूली उपचार कराकर रवाना कर दिया गया है। वहीं, लड़की की जान बचाने वाले जवान की क्षेत्र में हर ओर तारीफ हो रही है।
अपनी जान पर खेलकर लड़की को बचाने वाले जीआरपी के आरक्षक गोविंद सिंह चौहान की मध्य प्रदेश पुलिस की ओर से भी सराहना की गई है। पुलिस के मुखिया कैलाश मकवाना ने आरक्षक के इस साहसिक कार्य के लिए न सिर्फ उनका उत्साहवर्धन किया, बल्कि समय रहते लिए गए उनके फैसले की सराहना करते हुए जीआरपी आरक्षक को इनाम स्वरूप 10 हजार रुपए दिए हैं।