मंडी की भूमि पर अवैध खनन

मोहरी व मलखेड़ी के पठार पर कृषि उपज मंडी का निर्माण प्रस्तावित , गहरे गड्ढे होने से हादसे का डर
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Updated: 24 Jul 2016, 11:25 PM IST
ashoknagar
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अशोकनगर. जिला मुख्यालय से सटे हुए ग्राम मोहरी व मलखेड़ी के पठार पर कृषि उपज मंडी का निर्माण प्रस्तावित है। दोनों पठारों पर मंडी निर्माण के लिए स्वीकृत भूमि पर अवैध उत्खनन खुलेआम किया जा रहा है। लेकिन जिम्मेदार विभाग इस पर मौन साधे हुए हैं। हालात दिन प्रतिदिन बदतर होते जो रहे हैं, पठार से होकर जाने वाला रास्ता भी खतरनाक हो चुका है।

उल्लेखनीय है कि आरोन रोड पर एक ओर मोहरी व दूसरी ओर मलखेड़ी का पठार है।जहां मुरम का बड़ा भंडार होने से लंबे समय से अवैध खुदाई जारी है। लीज न होने के बावजूद बड़ी मात्रा में यहां से प्रतिदिन खुदाई हो रही है। हद तो यह हैकि मंडी बनने के लिए प्रस्तावित होने के बावजूद अवैध खुदाईको रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। मंडी के लिए यहां 29.083 हेक्टेयर, खेल विभाग के स्टेडियम के लिए दो हेक्टेयर, न्यायालय के कर्मचारियों के आवास के एक हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित है।

जिला स्तरीय अफसरों की नाक के नीचे इतने बड़े पैमाने पर खुदाई होना, प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। हालत यह है कि मंडी निर्माण के लिए प्रस्तावित जमीन पर गहरे-गहरे गड्ढे हो चुके हैं।जो मंडी निर्माण में बड़ी परेशानी बन सकते हैं। यदि मंडी का काम शुरू होता है तो मंडी प्रशासन को इन गहरे गड्ढों को भरने के लिए अलग से मुरम मंगवानी पड़ेगी। ऐसे में इस पर अतिरिक्त खर्चआएगा। इसके बावजूद अवैध उत्खनन पर अधिकारी उदासनी बने हुए हैं।

मोहरी व मलखेड़ी दोनों ही जगहों पर मुरम की बेतहाशा अवैध खुदाई के कारण गहरी-गहरी खाईयां बन गईहैं। जिसके कारण बारिश में मुरम के धसकने का खतरा बना हुआ है, इसके साथ ही गड्ढों में बारिश का पानी भरने से भी
हादसो का डर बना हुआ है। रोज सैंकड़ों ट्राली मुरम की खुदाई यहां हो रही है।
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