बहू और बेटे को घर से बाहर जाना पड़ेगा, अगर वे मकान खाली नहीं करेंगे, तो स्वयं प्रशासन मकान खाली करवाएगा.
अशोकनगर. मध्यप्रदेश में माता-पिता को प्रताडि़त करने वाला एक मामला प्रकाश में आया है, जिसके तहत बहू और बेटे को घर से बाहर जाना पड़ेगा, अगर वे मकान खाली नहीं करेंगे, तो स्वयं प्रशासन मकान खाली करवाएगा, बताया जा रहा है कि जिले में ये पहला मामला है। अगर आप भी अपने माता-पिता को परेशान करते हैं, तो ऐसा काम भूल कर भी नहीं करें, क्योंकि आपको भी घर से बाहर होना पड़ सकता है।
माता-पिता को प्रताडि़त करना एक पुत्र व उसकी पत्नी को मंहगा साबित होता नजर आ रहा है। जिन्हें अब खुद ही मकान खाली करके जाना पड़ेगा। यदि मकान खाली नहीं किया तो 25 दिन बाद तहसीलदार उन्हें मकान से बेदखल करने की कार्रवाई करेंगे।
मामला अशोकनगर जिले के ईसागढ़ का है। महावीर कॉलोनी में रह रहे मानकलाल साहू पुत्र मोहनलाल साहू और रमादेवी पत्नी मानकलाल साहू ने शिकायत की कि उनके पुत्र अमितकुमार व पुत्रवधु शशि पत्नी अमितकुमार ने उन्हें प्रताडि़त किया।
इस पर कलेक्टर आर उमा महेश्वरी ने ईसागढ़ में रह रहे अमितकुमार पुत्र मानकलाल साहू और शशि पत्नी अमितकुमार के खिलाफ माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण एवं कल्याण अधिनियम के तहत 2007 के तहत आदेश पारित किया है।
जिस मकान में वह रह रहे हैं वह रमादेवी के नाम पर है। कलेक्टर ने अमित साहू व शशि साहू को ३0 अप्रेल तक मकान खाली करने का आदेश दिया है, यदि इस अवधि में मकान खाली न करने पर तहसीलदार ईसागढ़ को निर्देश दिए हैं कि वह उन्हें मकान से बेदखल करने की कार्रवाई करें।
वरिष्ठ नागरिक की देखभाल का पौत्र-पौत्री को भी प्रावधान
कलेक्टर ने अपने आदेश में कहा है कि वरिष्ठ नागरिक का भरण पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007 में 60 साल या इससे अधिक के लोगों को सीनियर सिटीजन माना गया है। बेटा, बेटी, पौत्र या पौत्री पर भी उनकी देखभाल करने का प्रावधान है। खास बात यह है जिले में इस तरह का यह पहला आदेश जारी हुआ है और इस आदेश के बाद अब जिले में वरिष्ठ नागरिकों में इस कानून के प्रति जागरुकता बढ़ेगी, साथ ही परिवार के सदस्य भी इसके लिए जागरुक होंगे।