ऐसा क्या हुआ कि किसानों ने निकाली अर्धनग्न होकर रैली
अशोकनगर। इस वर्ष किसानों को फसल में अच्छे दाम न मिलने के कारण वे नाराज हैं। प्रदेश के हर क्षेत्र में किसानों की नाराजगी साफ देखने मिल रही है। कभी वे चक्काजाम कर लेते हैं। कभी हड़ताल कर देते हैं। कभी कुछ तो कभी कुछ। इसी तरह अशोकनगर में भी किसानों ने मांगों को लेकर अर्धनग्न होकर रैली निकाली।
किसानों का कहना है कि वे इसी तरह अर्धनग्न होकर जिला अस्पताल से कलेक्ट्रेट तक रैली निकालेंगे और अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपगे। जिससे सरकार उनकी सुनें और उनके साथ न्याय कर सकें।
जानकारी के अनुसार किसानों की यह मांगे उनकी फसलों को लेकर है। सूखा राहत पैसा न मिलने के कारण किसान परेशान है। सोयाबीन और उड़द की दालों का भावान्तर का पैसे को लेकर तथा फसल बीमा का पैसा देने सहित रैली निकाली जा रही है।
वर्तमान में किसानों को तुलाई केंद्रों पर भी उचित दाम न मिलने के कारण वे नाराज है। तुलाई में हो रही समस्याओं के चलते किसानों ने जगह जगह विरोध प्रदर्शन किया हुआ है।
पुलिस द्वारा दी गई समझाइश
अशोकनगर में किसानों की अर्धनग्न रैली को लेकर पुलिस द्वारा समझाइश दी गई। पुलिस द्वारा किसानों को रैली रोकने को कहा और शांतिपूर्ण ढ़ग से कलेक्टर के सामने बात रखने को कहा। पर, किसान मानने को तैयार नहीं हुए। उनकी जिद है कि जब तक हम स्वयं जाकर कलेक्टर को ज्ञापन नहीं सौंपेगे और कलेक्टर हमारी मांगे नहीं मान लेते तब तक हम इसी तरह अर्धनग्न होकर हड़ताल करेंगे।
आसपास के लोगो हो रहे शर्मसार
किसानों की इस तरह की रैली को देखकर वहां से गुजरने वाले लोग शर्मसार हो रहे है। महिलाओं का कहना है कि कम से कम किसान हमारा तो लिहाज कर लेते। इस तरह अर्धनग्न होकर रैली निकालने की क्या आवश्यकता है। विरोध का कोई और तरीका भी तो हो सकता है।