उत्तर कोरिया के खिलाफ दर्ज हो चुके हैं 35 मामले संयुक्त राष्ट्र ने जांच के लिए गठित की विशेषज्ञों की एक टीम
संयुक्त राष्ट्र। उत्तर कोरिया एक नए मुसीबत में फंसते नजर आ रहा है। अब तक अपनी परमाणु शक्तियों और मिसाइल गतिविधियों के कारण आलोचना झेलने वाले इस देश पर साइबर अपराध को लेकर उंगली उठ रही है। संयुक्त राष्ट्र ने उत्तर कोरिया से संचालित हो रहे साइबर अपराधों की जांच के लिए विशेषज्ञों की एक टीम का गठन किया है।
17 देशों का उत्तर कोरिया पर आरोप
संयुक्त राष्ट्र की जांच सही साबित होने पर उत्तर कोरिया को कठोर प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। कोरिया पर एक या दो नहीं बल्कि भारत समेत 17 देशों ने साइबर क्राइम का आरोप लगाया है। इन देशों का दावा है कि उत्तर कोरिया इस तरह के साइबर अपराधों को अंजाम देने के बाद हासिल किए हुए पैसों का इस्तेमाल जानलेवा हथियारों के इस्तेमाल में लगाता है।
अब तक 35 शिकायतें हुईं दर्ज
संयुक्त राष्ट्र के सामने इन देशों ने उत्तर कोरिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी है। इन देशों की मांग है कि उत्तर कोरियाई जहाजों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ईंधन पर प्रतिबंध लगाया जाए। जानकारी के मुताबिक उत्तर कोरिया के खिलाफ जांच कर रहे दल के पास अब तक 35 शिकायतें दर्ज की गई हैं।
ये देश हो चुके हैं शिकार
जांच टीम ने हफ्ते भर बाद एक रिपोर्ट के हवाले से बताया कि उत्तर कोरिया ने अबतक वित्तीय संस्थानों और क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों में किए गए साइबर हमले के चलते करीब दो बिलियन अमरीकी डालर का अवैध अधिग्रहण किया है। इसके चलते कोस्टारिका, गांबिया, कुवैत, लाइबेरिया, मलेशिया, माल्टा, स्लोवेनिया, दक्षिण अफ्रीका, नाइजीरिया, पोलैंड, ट्यूनीशिया और वियतनाम जैसे देश साइबर हमले के शिकार हो चुके हैं।
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