Afghanistan Airstrikes on Taliban Bases: अफगानिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में तालिबानी ठिकानों पर किए गए एयर स्ट्राइक में 100 से अधिक तालिबानी आतंकी मारे गए हैं, जबकि दो टैंक और कई वाहन नष्ट हो गए।
काबुल। अफगानिस्तान में शांति बहाली को लेकर अफगान सरकार और तालिबान के बीच दूसरे दौर की बातचीत इस साल शुरू हुई थी, लेकिन एक बार फिर से कोई नतीजा नहीं निकल सका। अफगानिस्तान में लगातार आतंकी हमलों को सिलसला जारी है, वहीं दूसरी तरफ सेना अभियान चलाकर आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर रही है।
अब इसी कड़ी में वायुसेना ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तालिबानी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया है। सेना ने तालिबान के अलग-अलग ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की, जिसमें 100 से अधिक तालिबानी आतंकी मारे गए हैं, जबकि दो टैंक और कई वाहन नष्ट हो गए।
एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया है कि शनिवार की रात को लड़ाकू विमानों से यह हमला किया गया, जिसमें तालिबानी कमांडर सरहदी भी मारा गया। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बल के पांच जवान भी शहीद हो गए। तालिबान के प्रवक्ता ने इस हमले की पुष्टि अभी तक नहीं की है।
बता दें कि अफगानिस्तान के कुनार प्रांत के छापा दारा जिले में कार्रवाई करने के दौरान सुरक्षा बलों के पांच जवान शहीद हो गए। इस संघर्ष में 28 तालिबानी आतंकी मारे गए। जबकि सुरक्षा बल के तीन सदस्य और सात आंतकी घायल हुए हैं। हिंसा की अन्य घटनाओं में 25 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। अफगानी सुरक्षा बलों ने ताजा हमले में तालिबान को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है।
स्थाई शांति बहाली के लिए अमरीका प्रयासरत
आपको बता दें कि अफगानिस्तान में स्थाई शांति बहाली के लिए अमरीका लगातार कोशिश कर रहा है। अमरीकी प्रतिनिधियों के साथ अफगान सरकार और तालिबानी प्रतनिधियों के बीच कतर की राजधानी दोहा के बाद अन्य देशों में वार्तां लगातार चल रही है। लेकिन अब तक समाधान नहीं निकल सका है।
ऐसे में तालिबान को लेकर अमरीका की चिंताएं भी काफी बढ़ गई है। चूंकि अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तालिबान के साथ यह समझौता किया था कि 1 मई 2021 से अमरीकी सेना अफगानिस्तान से वापसी शुरू कर देगी। लेकिन अमरीका ने अभी तक सेना की वापसी को लेकर कोई कदम नहीं उठाया है।
लिहाजा, तालिबान ने हाल ही में ये धमकी दी थी कि यदि 1 मई तक अफगानिस्तान से विदेशी सेनाएं नहीं हटी तो फिर से उनपर हमले शुरू कर देंगे। दूसरी तरफ अमरीकी राष्ट्रपति जो बिडेन पहले ही ये कह चुके हैं कि 1 मई तक सेनाओं की वापसी करना कठिन है।