HIGHLIGHTS अफगानिस्तान के उत्तरी कुंदुज प्रांत ( Taliban attacks Kunduz Province ) में शनिवार रात तालिबान ने सुरक्षा चौकियों को निशाना बनाते हुए हमला किया। इस हमले में सेना के पांच जवान और एक पुलिसकर्मी मारे गए। जवाबी कार्रवाई में सेना ने चार तालिबानी आतंकियों ( Talibani Terrorist ) को भी ढेर कर दिया, जबकि दो अन्य घायल हो गए।
काबुल। अफगानिस्तान ( Afghanistan ) में शांति बहाली को लेकर अमरीका और तालिबान ( America-Taliban Talks ) के बीच अहम समझौता हुआ, लेकिन इसके बावजूद भी हमलों का सिलसिला जारी है। अब ताजा मामले में तालिबानी आतंकियों ( Talibani Terrorist ) ने सुरक्षा चौकियों को निशाना बनाया है।
अफगानिस्तान के उत्तरी कुंदुज प्रांत ( Taliban attacks Kunduz Province ) में शनिवार रात तालिबान ने सुरक्षा चौकियों को निशाना बनाते हुए हमला किया। इस हमले में 6 सुरक्षा बल मारे गए। TOLO न्यूज ने बताया है कि यह हमला इमाम साहिब जिले में हुआ, जहां तालिबान आतंकवादियों ने सुरक्षा चौकियों ( Taliban targeted security checkpoint ) पर हमला किया।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सुदृढीकरण के आने के बाद तालिबान के हमले को पीछे धकेल दिया गया था। बताया जा रहा है कि इस इलाके से तालिबान का सफाया हो गया है, लेकिन अभी भी अफगानिस्तान के एक बड़े भू-भाग पर तालिबान का कब्जा है।
जानकारी के मुताबिक, इस हमले में सेना के पांच जवान और एक पुलिसकर्मी मारे गए। जवाबी कार्रवाई में सेना ने चार तालिबानी आतंकियों को भी ढेर कर दिया, जबकि दो अन्य घायल हो गए। इधर इस हमले को लेकर तालिबान की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है।
IED ब्लास्ट में AIHRC के दो कर्मचारियों की मौत
आपको बता दें कि शनिवार को ही आतंकियों ने एक बम विस्फोट किया, जिसमें अफगानिस्तान स्वतंत्र मानवाधिकार आयोग ( AIHRC ) के दो कर्मचारियों की मौत हो गई। पुलिस ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि यह विस्फोट सुबह करीब 7.45 बजे राजधानी काबुल के बोटखाक में हुआ, जब AIHRC के दोनों कर्मचारी ऑफिस जा रहे थे।
काबुल के पुलिस प्रवक्ता फिरदौस फरमाज ने बताया कि मैग्नेटिक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस ( IED ) से विस्फोट हुआ है। AIHRC के प्रवक्ता मुहम्मद रजा जाफरी ने बताया कि इस हादसे में मरने वालों में एक महिला शामिल थीं। जाफरी ने मृतक महिला अधिकारी के नाम का खुलासा नहीं किया।
अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन ( United Nations Support Mission ) ने इस हमले की निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन ने कहा है कि मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर इस तरह का हमला होना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। UNAMA ने ट्वीट करते हुए कहा है कि अपराधियों को जवाबदेह ठहराने के लिए घटना की तत्काल जांच होने की जरूरत है।