एशिया

आतंकवाद से लड़ने के लिए एकजुट हुए ये आठ देश, पहली बार साथ आए भारत-पाकिस्तान

‘शांति मिशन’ नाम से शुरू हुए इस सैन्य अभ्यास में ये सभी देश एक दूसरे के साथ रण कौशल और सैन्य विधाओं का परस्पर आदान- प्रदान करेंगी।

2 min read
Aug 24, 2018
आतंकवाद से लड़ने के लिए एकजुट हुए ये आठ देश, पहली बार साथ आए भारत-पाकिस्तान

मॉस्को। भारत, पाकिस्तान और चीन सहित शंघाई सहयोग संगठन के सभी आठ सदस्य देशों की सेनाएं आज से एक साथ सैन्य अभ्यास करेंगी। ‘शांति मिशन’ नाम से शुरू हुए इस सैन्य अभ्यास में ये सभी देश एक दूसरे के साथ रण कौशल और सैन्य विधाओं का परस्पर आदान- प्रदान करेंगी।

शंघाई सहयोग संगठन अभ्यास शांति मिशन 2018 का रूस में विधिवत शुभारंभ

इस अभ्यास के संबंध में सेना की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार शंघाई सहयोग संगठन अभ्यास शांति मिशन 2018 का शुक्रवार को रूस के चेर्बाकुल में विधिवत शुभारंभ हुआ। आपको बता दें कि यह पहला मौका है जब भारत और पाकिस्तान की सेना आतंकवाद रोधी अभियानों से संबंधित सैन्य अभ्यास में एक दूसरे के साथ सैन्य कौशल को साझा करेंगी।

अभ्यास में रूस के सबसे अधिक 1700 सैनिक, भारत के 200 सैनिकों भी शामिल

रूस के सेन्ट्रल मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट के चीफ कमांडर पेवलोविच लेपिन ने सभी देशों की सेनाओं के दस्तों को संबोधित किया। संबोधन के बाद सैन्य दस्तों ने औपचारिक परेड में हिस्सा लिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अभ्यास में रूस के सबसे अधिक 1700, चीन के 700 और भारत के 200 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं।

रक्षा क्षेत्र में सहयोग की बड़ी पहल के तहत आयोजित किया गया है ये अभ्यास

आपको बता दें कि यह अभ्यास शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग की बड़ी पहल के तहत आयोजित किया गया है और रक्षा सहयोग के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। अभ्यास मे सैनिकों को मुख्य रूप से शहरी परिसर में आतंकवाद रोधी अभियानों से निपटने के गुर सीखने का मौका मिलेगा। इसके अलावा अभ्यास में पेशेवर संवाद, ड्रिल तथा प्रक्रियाओं के बारे में परस्पर समझ और संयुक्त कमान के विषय भी शामिल हैं ।

ये भी पढ़ें

अमरीका: राष्ट्रपति चुनाव में गुप्त रिपोर्ट लीक करने की दोषी महिला को पांच साल की जेल
Published on:
24 Aug 2018 06:33 pm
Also Read
View All