प्रदर्शनों को रोकने के लिए पाकिस्तान की सरकार ने टीएलपी के साथ एक समझौता किया है जिसके मुताबिक आसिया बीबी को देश छोड़कर जाने की अनुमति नहीं होगी
लाहौर। ईशनिंदा मामले में सुप्रीम कोर्ट से रिहा हुईं ईसाई महिला आसिया बीबी के पति आशिक मसीह पहली बार इस मामले में सामने आए हैं। आशिक मसीह ने अपनी और अपनी पत्नी आसिया की जान को गंभीर खतरा होने की बात कही है और इस मामले में ब्रिटेन, अमरीका से मदद मांगी है।
अमरीका और ब्रिटेन से मदद
एक वी़डियो संदेश में आसिया के पति ने कहा है कि, ''मैं ब्रिटेन की प्रधानमंत्री और अमरीका के राष्ट्रपति ट्रंप से मदद की गुहार लगा रहा हूं। मैं चाहता हूं कि वो हमारी मदद करें।'' मसीह ने कनाडा और यूरोपीय देशों के नेताओं से भी मदद मांगी है।जर्मनी के एक प्रसारक डॉयचे वेले को दिए एक साक्षात्कार में मसीह ने कहा कि वो और उनका परिवार बेहद डरा हुआ है। इससे पहले शनिवार को पाकिस्तान के कट्टरपंथी इस्लामी समूहों द्वारा पाकिस्तान में ईसाई महिला आसिया बीबी को बरी किए जाने के खिलाफ किया जा रहा विरोध प्रदर्शन थम गया। ईसाई महिला आसिया बीबी पर ईशनिंदा के आरोप लगे थे। पाकिस्तान के 'डॉन न्यूज' के मुताबिक विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से शामिल तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) ने विरोध प्रदर्शन खत्म कर दिया है।
बता दें कि ईशनिंदा के मामले में एक ईसाई महिला आसिया बीबी को सुप्रीम कोर्ट द्वारा बरी किए जाने के बाद पाकिस्तान में हड़कंप मच गया था । बुधवार को ईशनिंदा मामले में पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने ईसाई महिला आसिया बीबी को आरोप मुक्त करते हुए बरी कर दिया था। उसके बाद पाकिस्तान के कई शहरों में फैसले के खिलाफ बवाल शुरू हो गया।
गलत है सरकार का फैसला
प्रदर्शनों को रोकने के लिए पाकिस्तान की सरकार ने टीएलपी के साथ एक समझौता किया है जिसके मुताबिक आसिया बीबी को देश छोड़कर जाने की अनुमति नहीं होगी। इस समझौते पर सवाल उठाते हुए मसीह ने कहा है कि इस तरह का समझौता ग़लत है। इससे पाकिस्तान में न्यायपालिका की छवि पर गहरा आघात लगा है। जर्मन मीडिया को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा, ''मौजूदा हाल हमारे लिए बेहद मुश्किल है, हमें कोई सुरक्षा नहीं मिली है और हम यहां-वहां छिपते फिर रहे हैं।"
आसिया को दी गई सुरक्षा
पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने कहा है कि आसिया बीबी की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पाकिस्तानी पत्र डॉन से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, ''मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि उनकी सुरक्षा को लेकर कोई खतरा नहीं है।'' लेकिन उन्होंने प्रदर्शनकारियों से हुए समझौते का बचाव किया। उन्होंने कहा कि इससे हालात से निपटने में मदद मिलेगी।