तालिबान के आतंकियों ने ऐसा उस शख्स के मन में भय बिठाने के लिए किया था।
काबुल। भले इस बार तालिबान के डर के कारण अफगानिस्तान में वोटिंग प्रतिशत कम रह गया हो। लेकिन वहां अभी भी कई लोग हैं, जो आतंक के भय से काफी ऊपर हैं। तभी तो एक शख्स ने दाएं हाथ की अंगुली काटने के बावजूट बाएं हाथ से वोट डाला है। सफीउल्लाह नाम के इस व्यक्ति ने अपने बहादुरी के बारे में मीडिया को बताया।
बाएं हाथ से वोट डाला
दरअसल, 2014 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में तालिबान ने वोट डालने के चलते तालिबान ने सफीउल्लाह के दाएं हाथ की अंगुली काट दी थी। तालिबान हर बार की तरह इस बार भी चुनाव का बहिष्कार कर रहा है। लोगों को लगा था कि सफीउल्लाह इस बार डर के मारे वोट नहीं डालेगा। लेकिन सफीउल्लाह इस बार भी मतदान केंद्र पहुंचा और बाएं हाथ से वोट डाला।
इस बार भी दहशत फैला रहा है तालिबान
आपको बता दें कि इस बार भी तालिबान सरकार विरोधी और हिंसात्मक कार्यों को अंजाम दे रहा था। चुनाव से पहले इस पूरे साल उसने करीब 400 हमलों को अंजाम दिया। लेकिन सफीउल्लाह जैसे लोग आतंक से ऊपर उठे और वोट देने पहुंचे। वोटिंग के बाद उसने कहा कि 2014 में मेरे साथ जो हुआ वह एक दर्दनाक अनुभव था।
देश और बच्चों के भविष्य के लिए आया आगे
सफीउल्लाह ने आगे कहा कि, 'तालिबान ने केवल एक अंगुली ही काटी है। लेकिन बात जब मेरे बच्चों और देश के भविष्य की हो तो मैं अपना पूरा हाथ काटकर भी डर के नहीं बैठूंगा।' उसने बताया कि 2014 में वो अपना वोट डालकर जा रहा था कि तभी रास्ते में तालिबानियों ने उसे पकड़ लिया। आतंकियों ने हाथ पर स्याही लगी देखकर उसका उत्पीड़न किया। सफीउल्लाह के मुताबिक, उन्होंने यह बोलते हुए अंगुली काट दी कि उसने चेतावनी के बावजूद चुनाव में वोट दिया। उसने कहा कि मैं फिर भी नहीं डरा और इस बार बाएं हाथ से चुनाव में वोट डाला है।