
बीजिंग। कोरोना वायरस का सबसे पहला मामला चीन के हुबेई प्रांत से आया था। इसके बाद धीर-धीरे यह खतरनाक वायरस धीरे-धीरे पूरी दुनिया में फैल गया। इसने अब तक करीब 50,000 से अधिक लोगों की जान ले ली है। चीन ने अब इस आपदा से लड़ने वाले 14 लोगों को शहीद का दर्जा देने का फैसला किया है। यह सभी मेडिकल कर्मी थे जो इलाज के दौरान अपनी जान गंवा बैठे। यह सभी संक्रमण का शिकार हो गए थे। इसमें डॉक्टर वेनलियांग ली भी शामिल हैं,जिन्होंने सबसे पहले इस वायरस की जानकारी दी थी।
बताया गया रोल मॉडल
चीनी मीडिया के अनुसार कोरोना वायरस से लड़ते हुए जान गंवाने वाले 14 लोगों को शहीद का दर्जा दिया गया है। इनमें वॉन्ग बिंग, फेंग शाओलिन, जियैंग शेकिंग, लियू शिमिंग, ली वेन्लियांग, जैंग कान्गमे, शाओ जुन, वू यॉन्ग, लियू फैन, शिया सीसी, हुवांग वेनजुन, मे जोंगमिंग, पेंग यिनहुआ और लिआओ जियाजुन का नाम है। इन्हें मेडिकल स्टाफ और आपदा को बचाने के लिए काम करने वालों के बीच रोल मॉडल बताया गया है।
ली की मौत पर गुस्सा
दिसंबर 2019 के आखिर में जब वुहान के अस्पताल में वायरस का पहला मामला सामने आया था। इस दौरान वेनलियांग ने ही अपने सहकर्मियों को सोशल मीडिया पर इस वायरस के लिए आगाह किया था। उन्होंने बताया था कि देश में सार्स जैसे वायरस का पता चला है। वेलियांग की कोरोना के चपेट में आने से फरवरी मेंं मौत हो गई थी। वेनलियांग की मौत के बाद चीन सरकार पर लोगों ने अपना गुस्सा जाहिर किया था। इस दौरान लोगों ने सरकार पर गुस्सा जाहिर करते हुए कहा था कि अगर सरकार ली की बाते मानी होती तो यह संक्रमण नहीं फैलता।
पूरे यूरोप में कोरोना ने मचाया कहर
कोरोना वायरस शुरुआत में सबसे पहले चीन में आया। यहां पर 81,589 लोग कोरोना की चपेट में आए जबकि 3,318 लोगों की मौत हो गई। उसके बाद अमरीका इन्फेक्शन के मामले में सबसे आगे निकल गया। यहां 215,362 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। वहीं अब तक 5,113 लोगों की मौत हो गई। इटली में 110,574 और स्पेन में 110,238 कोरोना की चपेट में आए। इटली में जहां 13,155 लोगों की मौत हो गई। वहीं, स्पेन 10,003 लोगों की मौत हो गई।