चीन का जो रॉकेट अंतरिक्ष में भेजा गया था वो किसी भी दिन धरती पर अनियंत्रित होकर गिर सकता है।
नई दिल्ली। चीन का जो रॉकेट अंतरिक्ष में भेजा गया था वो किसी भी दिन धरती पर अनियंत्रित होकर गिर सकता है। यह रॉकेट का 100 फीट लंबा मेन पार्ट यानी कोर है। इसका वजन 21 टन के आसपास है। आपको बता दें कि यह इस तरह की कोई पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी चीन का ही एक रॉकेट पिछले साल चार मई को पश्चिम अफ्रीका और अटलांटिक महासागर में जा गिरा था। इस रॉकेट ने एक पूरा गांव का गांव बर्बाद कर दिया था, हालांकि राहत की बात यह रही है कि इस गांव में कोई नहीं रहता है।
लॉन्ग मार्च 5बी वाई2 नाम का यह चीनी रॉकेट फिलहाल धरती के चारों ओर लो-अर्थ ऑर्बिट में चक्कर लगा रहा है। जिसकी धरती से ऊंचाई करीब 170 किलोमीटर से 372 किलोमीटर के बीच है। इस चीनी रॉकेट की रफ्तार 25,490 किलोमीटर प्रति घंटा है। रॉकेट के जिस कोर से धरती को खतरा बताया जा रहा है उसकी चौड़ाई 16 फीट है। 28 अप्रैल को चीन ने यह रॉकेट अपने तियानहे स्पेस स्टेशन को बनाने के लिए छोड़ा था। इसका काम एक मॉड्यूल लेकर स्पेश स्टेशन तक जाना था। जानकारी के अनुसार मॉड्यूल को सफलतापूर्वक निर्धारित कक्षा में छोडऩे के बाद इसको नियंत्रित तरीके से धरती पर वापसी करनी थी। लेकि चीनी स्पेस एजेंसी इस पर अपना नियंत्रण खो बैठी।
हालांकि धरती पर इसके खतरे को भांपते हुए अलग-अलग देशों के रडार इस पर पैनी नजर बनाए हुए हैं, ताकि इसकी दिशा किसी भी देश की ओर को होते देख वहां के लोगों को अलर्ट किया जा सके। वैज्ञानिकों की मानें तो धरती के वायुमंडल में आते ही कोर का अधिकांश हिस्सा जलकर राख बन जाएगा, लेकिन बावजूद इसके शेष हिस्सा जहां भी गिरेगा तबाही ला देगा।