एशिया

भारत की अग्नि-5 मिसाइल के परीक्षण से चीन परेशान, शांति की गुहार लगाई

चीन ने कहा कि दक्षिण एशिया के सभी देशों को क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए काम करना चाहिए।
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 agni 5 missile test
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नई दिल्ली। भारत द्वारा अग्नि-5 मिसाइल के परीक्षण की तैयारियों को लेकर चीन ने शांति और स्थिरता बनाए रखने का संदेश दिया है। पांच हजार किलोमीटर की दूरी तक मार करने वाली और परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम अंतर-महाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) अग्नि-5 का परीक्षण भारत की ताकत को दोगुना कर देगी।

सुरक्षा एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए काम करना चाहिए

मिसाइल परीक्षण से जुड़ी खबरें मीडिया में आने के बाद चीन ने कहा कि दक्षिण एशिया के सभी देशों को क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए काम करना चाहिए। गौरतलब है कि अमरीका, चीन, रूस, फ्रांस और उत्तर कोरिया जैसे कुछ ही देशों के पास अंतर-महाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल हैं।

अग्नि-5 का परीक्षण करने के बारे में भारत की योजना से जुड़ी खबरों के बारे में पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजान ने बीजिंग में मीडिया से बातचीत में कहा कि दक्षिण एशिया में शांति, सुरक्षा एवं स्थिरता बनाए रखने में सभी का साझा हित है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि सभी पक्ष इस दिशा में रचनात्मक प्रयास करेंगे।

मिसाइलों का विकास रोकने का आग्रह भी किया था

लिजान के अनुसार ‘‘क्या भारत परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम बैलेस्टिक मिसाइलों का विकास कर सकता है। इस बारे में संयुक्त राष्ट्र द्वारा तय नियमों का हवाला दिया गया।’’ 1998 में परमाणु परीक्षण के बाद संयुक्त राष्ट्र ने भारत से परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम बैलेस्टिक मिसाइलों का विकास रोकने का आग्रह भी किया था।

पांच हजार किलोमीटर की दूरी तक मार करने वाली ये मिसाइल चीन के कई शहरों को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे भारत की सैन्य शक्ति में मजबूती आने की उम्मीद है। परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम इस मिसाइल का पहले भी पांच बार सफल परीक्षण हो चुका है। इसे सेना में शामिल किए जाने की प्रक्रिया चल रही है।

Published on:
17 Sept 2021 01:19 am