एशिया

श्रीलंका में राजनीतिक संकट पर चीन की बारीक नजर

राजपक्षे के चीन के साथ करीबी रिश्ते रहे हैं और उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान बीजिंग के साथ कई निवेश समझौते भी किए थे।
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Updated: 14 Nov 2018, 7:22 PM IST
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बीजिंगः चीन ने बुधवार को कहा कि वह श्रीलंका में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहा है और वह आशा करता है कि राजनीतिक दल खुद ही इसका समाधान निकाल लेंगे। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "चीन श्रीलंका का पारंपरिक और पड़ोसी मित्र है। हम श्रीलंका में जारी राजनीतिक उठापठक पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।" उन्होंने कहा, "हमें आशा है कि श्रीलंका में स्थिरता कायम होगी और हमें विश्वास है कि देश के राजनीतिक दलों के पास वर्तमान हालात से निपटने की पूर्ण बुद्धिमत्ता और क्षमता है।" बता दें कि राजपक्षे के चीन के साथ करीबी रिश्ते रहे हैं और उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान बीजिंग के साथ कई निवेश समझौते भी किए थे।

संसद और कोर्ट से राष्ट्रपति को झटका
श्रीलंका के ताजा राजनीतिक घटनाक्रम में देश की संसद ने विवादास्पद रूप से नियुक्त प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ एक अविश्वास प्रस्ताव पारित किया है। देश के सर्वोच्च न्यायालय ने संसद भंग करने और जनवरी में चुनाव कराने के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना के फैसले को पलट दिया, जिसके एक दिन बाद राजपक्षे को यह झटका लगा है। विक्रमसिंघे अभी भी प्रधानमंत्री होने का दावा कर रहे हैं और उनका कहना है कि वह संसद में बहुमत साबित कर देंगे।

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