नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के कारण हुई 100 से ज्यादा मौतों के बाद चीन ने उसे 65 लाख रुपए की मदद देने का ऐलान किया है
नई दिल्ली। डोकलाम मुद्दे पर भारतीय सीमा पर बने हुए तनाव के बीच चीन ने नेपाल के साथ तीन बड़े करार किए हैं। चीन ने नेपाल के साथ पॉवर और ऊर्जा के क्षेत्र में तीन अहम करार किए हैं। साथ ही दोनों देशों के बीच हिमालयी देशों में प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की तलाश के लिए अध्ययन पर भी करार हुआ है। इन समझौतों से नेपाल के सामाजिक आर्थिक कायापलट में बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है।
इन क्षेत्रों में मिलकर करेंगे काम
चीन और नेपाल के बीच हुए अहम करार में आर्थिक, तकनीकी सहयोग, चाइना एड ऑयल एंड गैस रिसोर्सेज सर्वे प्रोजेक्ट शामिल है। इसके अलावा निवेश को बढ़ावा देने को लेकर भी दोनों देशों के बीच समझौता हुआ है। इस बड़े समझौते में पर्वतीय क्षेत्रों में प्राकृतिक गैस की तलाश के लिए खुदाई और तराई इलाकों में पेट्रोलियम पदार्थ की खोज किया जाना अहम है। दोनों देशों के बीच ये करार चीन के उप प्रधानमंत्री वांग यांग और नेपाल के उप प्रधानमंत्री बिजय कुमार गछादर व कृष्ण बहादुर महारा के साथ मुलाकात के बाद हुआ है।
अहम मुद्दों पर बनी सहमति
नेपाल और चीन के बीच इस बात को लेकर सहमति बनी है कि नेपाल में हाइड्रोपॉवर प्रोजेक्ट, ट्रांसमिशन लाइन, आर्थिक और तकनीकी विकास के लिए कदम उठाए जाएंगे। गौरतलब है कि नेपाल में बिजली की काफी किल्लत है। ऐसे में यह करार काफी अहम माने जा रहे हैं।
दोनों देशों को जोड़ने वाला हाईवे खुलेगा
नेपाल के वित्त सचिव शांता राज सुबेदी के मुताबिक चीन की ओर से यह काफी बड़ा सहयोग है। नेपाल ने चीन से अपील की थी कि जल्द से जल्द 114 किलोमीटर अरानिको हाइवे को खोला जाए जोकि दोनो देशों को जोड़ता है। नेपाल की इस अपील पर चीन ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। यही नहीं चीन इस हाईवे को फिर से ठीक भी कराएगा, जोकि बाढ़ और स्खलन के बाद काफी खराब हो गया है।
बाढ़ प्रभावित नेपाल को 65 लाख रुपए की मदद
चीन ने बाढ़ प्रभावित नेपाल को 65 लाख रुपए की मदद देने का ऐलान किया है। चीन की तरफ से यह ऐलान नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के कारण हुई 100 से ज्यादा मौतों के बाद किया गया।