सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी का कहना है कि ताइवान चीन का हिस्सा है 70 साल पहले एक गृह युद्ध के कारण अलग हो गया था चीन का यह बयान अमरीकी रक्षा सचिव पैट्रिक शहनहान के बयान के बाद आया
सिंगापुर। चीन के रक्षा मंत्री ने रविवार को चेतावनी दी कि उसकी सेना स्व-शासित ताइवान के दावे और दक्षिण चीन सागर के जल विवादों का बचाव करेगी। इसके साथ वह कार्रवाई भी कर सकती है। सिंगापुर में एक वार्षिक सुरक्षा सम्मेलन में बोलते हुए, चीन के जनरल वी वेंघे ने अमरीका को लेकर खतरे की आशंका को दरकिनार कर वाशिंगटन की आलोचना करते हुए कहा कि वह ताइवान को चीन से अलग करने के लिए समर्थन करता है। इसके अलावा दक्षिण चीन सागर में स्वतंत्र रूप से विचरण कर उस पर दावा करता है।
गृह युद्ध के कारण अलग हो गया था ताइवान
चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी का कहना है कि ताइवान चीन का हिस्सा है। जो 70 साल पहले एक गृह युद्ध के कारण अलग हो गया था। यह ताइवान की स्वतंत्रता का विरोध करता है और औपचारिक रूप से कहता है कि यह उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक होने पर बल के उपयोग को अस्वीकार करने से इनकार करते हुए शांतिपूर्ण पुनर्मिलन चाहता है। पीएलए का इरादा किसी भी परेशानी का कारण नहीं है लेकिन यह मुसीबतों का सामना करने से डरता नहीं है। वेई ने कहा कि किसी को भी नीचे की रेखा को पार करने का जोखिम उठाना चाहिए, पीएलए पूरी तरह से कार्रवाई करेगा और सभी दुश्मनों को परास्त करेगा।
चीन दक्षिण सागर का गलत इस्तेमाल कर रहा
चीन का यह बयान अमरीकी रक्षा सचिव पैट्रिक शहनहान के बयान के बाद आया हैै। उन्होंने शनिवार को एक सभा कहा था कि चीन दक्षिण सागर का गलत इस्तेमाल कर रहा है। शहनहान ने आरोप लगाया कि वह अन्य देशों से प्रौद्योगिकी चुराने और दक्षिण चीन सागर में मानव निर्मित चौकी का इस्तेमाल कर अमरीका का रास्ता रोकने की कोशिश कर रहा है। चीन ने दक्षिण चीन सागर में द्वीप, कोरल और लैगून पर कब्जा जमाया हुआ है। यहां उसने हवाई जहाजों, रडार और मिसाइल स्टेशनों से लैस सात चौकियों का निर्माण किया है। गौरतलब है कि चीन स्वशासी ताईवान पर अपना अधिकार जताता रहा है। इस विवाद के कारण ताईवान भी लगातार अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने की कोशिश में है। इसमें अमरीका उसकी मदद कर रहा है।
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