प्रोग्रामर्स को उबाऊ और थकाने वाले काम से राहत दिलाने और प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के मकसद से खूबसूरत लड़कियों की मदद ली जा रही है।
नई दिल्ली। आजकल कॉर्पोरेट सेक्टर की अधिकांश कंपनियों के कर्मचारी काम के बोझ और अनियमित जीवनशैली के चलते तनाव से जूझ रहे होते हैं। ऐसे में बात आईटी कंपनियों में होने वाली प्रोग्रामिंग की हो तो माथापच्ची काफी ज्यादा होती है। इस तनाव से निपटने के लिए चीन में इन दिनों एक नया चलन शुरू हुआ है। यहां प्रोग्रामर्स को उबाऊ और थकाने वाले काम से राहत दिलाने और प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के मकसद से खूबसूरत लड़कियों की मदद ली जा रही है।
...इन स्किल्स की भूमिका अहम
जिस पद पर इन युवतियों की नियुक्ति होती है, उसे प्रोग्रामर मोटिवेटर नाम दिया गया है। प्रोग्रामर मोटिवेटर की जरूरी योग्यताओं में खूबसूरती सबसे पहले है। इसके बाद उन्हें मसाज की जानकारी होना चाहिए। इतना ही नहीं अच्छी कम्युनिकेशन स्किल्स भी जरूरी है ताकि प्रोग्रामर्स से बात करके उन्हें प्रोत्साहित किया जा सके। ये खूबसूरत लड़कियां जन्मदिन, शादी की सालगिरह, कंपनी से जुड़ने की सालगिरह, किसी खास उपलब्धि आदि के मौके पर पार्टी आयोजित करना आदि काम बखूबी करती हैं।
सैलरी भी काफी अच्छी और नतीजा भी
इस पेशे में यहां इंजीनियरिंग और साइकोलॉजिस्ट की पढ़ाई करने वाली लड़कियां भी खासी रूचि ले रही हैं। एक प्रोग्रामर मोटिवेटर को आमतौर पर 60 से 65 हजार रुपए प्रतिमाह तनख्वाह के रूप में मिलते हैं।
महिला विरोधी तो नहीं ये आइडिया?
वैश्विक स्तर पर ऐसे आइडिया को महिला विरोधी बताने की कवायद शुरू हो सकती है। लेकिन आपको बता दें कि चीन में कई ऐसे स्टार्टअप्स हैं जहां महिलाएं वरिष्ठ पदों पर हैं और वहां भी प्रोग्रामर मोटिवेटर रखी जा रही हैं। इस पेशे से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि इसमें कोई बुराई नहीं है और यह एक सम्मानजनक पेशा है। हालांकि एक पुरुष प्रोग्रामर्स को आकर्षित करने के लिए यहां की कंपनियां अपने विज्ञापन में प्रोग्रामर मोटिवेटर की सुविधा का जिक्र भी करती हैं, जो आपत्तिजनक हो सकता है।