एशिया

जापान में बाढ़ का कहर, 65 लोगों की मौत, बचाव में जुटे 54 हजार जवान

इस बारे में सरकारी प्रवक्ता योशिहिदे सुगा ने जानकारी दी कि आपातकाल सेवाओं के लिए अब तक 100 से अधिक कॉल मिल चुकी हैं।

2 min read
Jul 08, 2018
जापान में बाढ़ का कहर, 65 लोगों की मौत, बचाव में जुटे 54 हजार जवान

टोक्यो। जापान में भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन में लापता लोगों का पता लगाने के लिए राहत व बचाव अभियान रविवार को भी जारी रहा। बता दें कि इस कुदरती कहर में अब तक 65 लोगों के मरने की खबर है। मीडिया रिपोर्ट की अनुसार, मृतकों की पुष्टि के अलावा चार अन्य लोग बेहोश हैं जबकि 45 लापता हैं।

आपातकाल सेवाओं के लिए अबतक सैकड़ों कॉल

इस बारे में सरकारी प्रवक्ता योशिहिदे सुगा ने जानकारी दी कि आपातकाल सेवाओं के लिए अब तक 100 से अधिक कॉल मिल चुकी हैं। इनमें कारों के बहने और मदद की गुहार जैसी सूचनाएं दी गईं हैं। हालांकि उन्होंने लापता लोगों के सटीक आंकड़ों की जानकारी नहीं दी है। सुगा ने बताया कि बचाव प्रयासों में सैनिक, पुलिस अधिकारी और अग्निशमक सहित 54,000 सदस्यीय दल लगे हैं। साथ ही इसमें 41 हेलीकॉप्टर भी तैनात किए गए हैं।

बारिश के चलते थम गया बुलेट ट्रेन

जापान मौसम विभाग ने बिगड़ते हालात को देखकर पश्चिम और मध्य जापान में बुलेट ट्रेनों का परिचालन रोक दिया है। बताया जा रहा है कि विभाग ने दावा किया है कि आने वाले दिनों में जो बारिश होगी वो इतिहास की सबसे भीषण बारिश होगी। बारिश से जमीन अत्यंत नम हो गई हैं, जिससे भूस्खलन संबंधी सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी हो सकती है। भीषण बारिश की चेतावनी जारी समाचार एजेंसी के मुताबिक जापान मौसम विभाग (जेएमए) ने हयोगो, ओकायामा, गिफु फुकुओका, नागासाकी, सागा, हिरोशिमा और टोट्टोरी प्रांत में अधिकतम संभावित अलर्ट जारी किया है। कुछ क्षेत्रों में बारिश आठ सेंटीमीटर प्रतिघंटे के हिसाब से हो सकती है।

प्रभावित इलाकों की हवाई निगरानी

लापता होने वालों में अधिकतम लोग ओकायामा, हिरोशिमा और इहिमे के हैं, जहां राहत दल ने फंसे हुए या घायल लोगों की खोज के लिए अभियान चलाया है। सेना और राहत बचाव दल लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों पर हवाई जहाज से निगरानी कर रहे हैं। किसी भी सूचना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा, सरकार ने लोगों के रेस्क्यू के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।

ये भी पढ़ें

VIDEO: भीषण बारिश ने थामी मुंबई की रफ्तार, जलमग्न होते जा रहे कई इलाके
Published on:
08 Jul 2018 03:38 pm
Also Read
View All