550वां प्रकाशवर्ष में शामिल होने के लिए भारत से हजारों सिख करतारपुर जा रहे हैं 12 नवंबर को गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व मानाया जाएगा
करतारपुर। जहां एक ओर शनिवार को दशकों पुराना अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया है, वहीं दूसरी और भारत-पाकिस्तान के बीच एतिहासिक करतारपुर गलियारे का भी उद्घाटन हुआ। इस गलियारे के माध्यम से अब सिख श्रद्धालु करतारपुर तक जा सकेंगे।
इसी कड़ी में पाकिस्तान ? के ऐतिहासिक दरबार साहिब गुरुद्वारे तक जाने वाले करतारपुर गलियारे के जरिए भारतीय श्रद्धालुओं का पहला जत्था करतारपुर पहुंच चुका है। इस जत्थे का नेतृत्व पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कर रहे हैं जिन्होंने उम्मीद जताई की यह गलियारा भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में बेहतरी आएगी।
मनमोहन सिंह को करतारपुर गलियारे के उद्घाटन समारोह के लिए पाकिस्तान सरकार ने विशेष निमंत्रण भेजा था। उनके नेतृत्व में गए जत्थे में पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह भी शामिल हैं।
भारत-पाक रिश्तों में होगा सुधार: मनमोहन सिंह
जीरो लाइन पर पाकिस्तान के टीवी चैनल पीटीवी से बातचीत में मनमोहन सिंह ने गलियारे को खोले जाने को एक बड़ी बात बताते हुए कहा, 'मुझे पूरी उम्मीद है कि इस गलियारे के खुलने से भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में उल्लेखनीय सुधार होगा।’
अमरिंदर सिंह ने कहा कि सभी खुश हैं। सिख समुदाय की बीते 70 सालों से मांग रही है कि पाकिस्तान स्थित उसके धर्मस्थलों तक समुदाय के सदस्यों को जाने दिया जाए।
उन्होंने कहा, 'यह शुरुआत है। उम्मीद है कि यह प्रक्रिया जारी रहेगी और कई अन्य गुरुद्वारों के लिए भी इजाजत मिलेगी।’
करतारपुर गलियारा पाकिस्तान के नारोवाल जिले में स्थित है। इसकी शुरुआत के मौके पर पाकिस्तान सरकार ने जिले के सभी स्कूलों में छुट्टी का ऐलान किया है।
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