इमरान खान के शपथ ग्रहण में कोई विदेशी नेता शामिल नहीं होगा। इमरान खान की पार्टी ने मीडिया में आई उन खबरों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि पड़ोसी देशों के नेताओं को न्योता दिया जाएगा।
इस्लामाबादः इमरान खान 11 अगस्त को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। इसके लिए उन्होंने मेहमानों को निमंत्रण भेजना भी शुरु कर दिया है। इमरान खान के शपथ ग्रहण में कोई विदेशी नेता शामिल नहीं होगा। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने मीडिया में आई उन खबरों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि शपथ ग्रहण समारोह में पड़ोसी देशों के नेताओं को न्योता दिया जाएगा। मीडिया में ऐसी खबरें भी कि पीएम मोदी भी इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं। लेकिन पीटीआई प्रवक्ता के फवाद हुसैन ने ट्वीट किया, 'पीएम के शपथग्रहण समारोह में अंतरराष्ट्रीय नेताओं को बुलाने वाली मीडिया की खबरें सही नहीं हैं। हमने इस मसले पर विदेश मंत्रालय से सुझाव मांगा है और हम उसके मुताबिक फैसला लेंगे।'
सरकार बनाने की कयावद में पीटीआई
इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने सरकार बनाने के लिए छोटे-छोट दलों और निर्दलीय सांसदों से समर्थन मांगा है। इसके लिए पार्टी के नेता बैठक भी कर रहे हैं। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के एक प्रतिनिधिमंडल ने जहांगीर तरीन की अगुवाई में मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान (एमक्यूएम-पी) के नेताओं से मुलाकात की और उनका समर्थन मांगा। एमक्यूएम-पी ने 25 जुलाई को हुए चुनाव में नेशनल एसेंबली की सिर्फ छह सीटें जीती हैं।
इमरान खान की पार्टी ने जीती है सबसे ज्यादा सीटें
पाकिस्तान के आम चुनावों में इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) सबसे ज्यादा सीटें जीती हैं। पीटीआई ने 115 सीटें जीती है और बहुमत से 22 सीट दूर है जबकि पीएमएल-एन ने 64 और पीपीपी 43 सीटें जीती हैं। इस चुनाव में कई धार्मिक संगठनों के गठबंधन मुत्ताहिद मजलिस-ए-अमाल(एमएमए) ने 12 सीटों पर और मुत्ताहिद कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान(एमक्यूएम-पी) ने छह सीटों पर जीत हासिल की हैं। पीएमएल-कायद और बलूचिस्तान अवामी पार्टी(बीएपी) ने चार-चार सीटों और सिंध की ग्रैंड डेमोक्रेटिक एलायंस(जीडीए) को दो सीटें मिली हैं। अवामी मुस्लिम लीग(एएमएल), पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसानियत और जम्हूरी वतन पार्टी(जेडब्ल्यूपी) को भी एक-एक सीट मिली है। 12 निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अपने क्षेत्रों से जीत दर्ज की है और संघीय सरकार के गठन में ये महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।