पाकिस्तान ( Pakistan ) ने हमेशा से दूसरों के युद्धों में शामिल होकर अपनी विदेश नीति में गलती की महत्वाकांक्षी कौशल विकास कार्यक्रम की शुरुआत करने पहुंचे थे पाक पीएम इमरान खान ( Imran Khan )
इस्लामाबाद। ईरान और अमरीका के बीच जारी घमासान ( US Iran tension ) के बीच पाकिस्तान की ओर से लगातार ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि वो इस मुद्दे में दखल नहीं देगा। पहले पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और अब प्रधानमंत्री इमरान खान ( Imran Khan ) ने भी इस मुद्दे पर अपना रूख जाहिर कर दिया है। गुरुवार को एक बयान में इमरान ने कहा कि पाकिस्तान फिर किसी दूसरे देश के युद्ध में शामिल नहीं होगा।
पाकिस्तान बनेगा मुस्लिम देशों के लिए उदाहरण
इमरान ने बयान में आगे कहा कि पाकिस्तान अन्य मुस्लिम देशों के लिए उदाहरण पेश कर उनका नेतृत्व करेगा। आपको बता दें कि अमरीकी हमले में ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत हो गई। इसके बाद से ही पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति है। इमरान ने इसी पृष्ठभूमि के मद्देनजर यह बयान दिया है।
अपनी विदेश नीति में गलती करता आ रहा है पाकिस्तान
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स में इमरान के बयान के हवाले से कहा गया कि पाकिस्तान हमेशा से दूसरों के युद्धों में शामिल होकर अपनी विदेश नीति में गलती करता आ रहा है। आपको बचा दें कि इमरान अपनी महत्वाकांक्षी कौशल विकास कार्यक्रम की शुरुआत करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान कभी भी किसी अन्य देश के युद्ध में भाग नहीं लेगा।' आपको याद दिला दें कि इमरान ने पहले भी अलग-अलग मौकों पर इस बात का जिक्र किया है कि पाकिस्तान को दूसरे देशों में संघर्ष करने से काफी क्षति हुई है।
पाकिस्तान को काफी नुकसान उठाना पड़ा
इससे पहले भी इमरान ने कहा था कि 1980 के दशक में अफगान जिहाद और 9/11 हमले के बाद आतंक के खिलाफ अमरीका के नेतृत्व वाले युद्ध के दौरान अग्रिम देश के रूप में अपनी भूमिका के कारण पाकिस्तान को काफी नुकसान उठाना पड़ा है।