
ईरान (Iran) में कुछ समय पहले हिजाब न पहनने और इसका विरोध करने पर 22 साल की महसा अमीनी (Mahsa Amini) को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। इसके बाद हिरासत में प्रताड़नाओं की वजह से महसा की देश की राजधानी तेहरान (Tehran ) में मौत हो गई थी। इसके बाद पूरे ईरान में बड़े लेवल पर महसा की हत्या पर गुस्सा व्यक्त करने के साथ ही हिजाब के विरोध में भी प्रदर्शन शुरू हो गए जो महीने भर से भी ज़्यादा समय से चल रहे हैं। महिलाएँ इन विरोध प्रदर्शनों में अपने हिजाब तक जला रही हैं। सिर्फ महिलाएँ ही नहीं, पुरुष भी इन विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा ले रहे हैं। इन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ईरानी पुलिस और सेना भी कार्रवाही कर रही है और अब तक 14 हज़ार से ज़्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
ईरान में लिया गया बड़ा फैसला
ईरान में गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों में से कई लोगों को कड़ी सजा दी चुकी हैं। कुछ लोगों को तो मौत की सज़ा भी दी जा चुकी है। अब ईरान में एक और बड़ा फैसला लिया गया है। हाल ही में तेहरान की अदालतों ने विरोध प्रदर्शनों में गिरफ्तार किए गए 400 प्रदर्शनकारियों को करीब 10 साल दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार इनमें से 160 लोगों को 5 से 10 साल की सज़ा, 80 लोगों को 2 से 5 साल की सज़ा और बाकी 160 लोगों को करीब 2 साल की सज़ा दी गई है।
तेहरान के मुख्य न्यायधीश ने दी जानकारी
तेहरान के मुख्य न्यायधीश अली अलघासी मेहर ने इस बारे में जानकारी दी। अली ने बताया कि तेहरान की अदालतों में प्रदर्शनकारियों को सज़ा दी है।
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