
नई दिल्ली। पाकिस्तान में उनके खिलाफ आवाज उठाने वालों को चुप कराने का सिलसिला लगातार जारी है। मंगलवार को वहां के पंजाब प्रांत में बदमाशों ने एक पत्रकार पर गोलियों की बौछार कर उसकी जान ले ली। बताया जा रहा है कि जिस वक्त उसे गोली मारी गई, उससे ठीक पहले उसने पुलिस को फोन कर कहा था कि उसकी जान को खतरा है।
हमले से पहले ही कर दिया था पुलिस को आगाह
यह मामला सांबाड़ी शहर का है। मारे गए पत्रकार का नाम जीशान अशरफ बट्ट है, जो वहां के स्थानीय अखबार नवा-ए-वक्त के लिए काम करते थे। खुद पर हमला होने से पहले उन्होंने पुलिस को फोन कर जानकारी दी थी कि संघ परिषद् के अध्यक्ष उनको जान से मारने के लिए उनका पीछा कर रहे हैं। ठीक उसी समय कुछ बदमाशों ने उनपर गोलियां बरसाई और मौके से भाग खड़े हुए। गौरतलब है कि जीशान ने खुद पर हमले कराने के लिए संघ परिषद् के अध्यक्ष इमरान चीमा का नाम लिया था।
पिछेल महीने आर्मी हेडक्वाटर्स के पास हुई थी एक पत्रकार की हत्या
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। आपको बता दें कि इन दिनों पाकिस्तान में पत्रकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं। वहां हो रहे लोगों पर जुल्म और फैले हुए भ्रस्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर सीधे वार कर दिया जाता है। अभी पिछले महीने भी रावलपिंडी में आर्मी हेडक्वार्टर्स के पास अज्ञात बदमाशों ने एक पत्रकार को गोलियों से भुना था। मृतक पत्रकार की पहचान अंजुम मुनीर रजा के रूप में हुई थी , जिनकी उम्र 40 साल थी।वह सुबह एक स्कूल में बच्चों को पढ़ाता था और शाम को इस्लामाबाद स्थित एक उर्दू अखबार में उप-संपादक के तौर पर काम करते था। बता दें उस वक्त इस तरह के 'अत्यधिक सुरक्षित' क्षेत्र में अंजुम की हत्या पर सभी ने हैरानी जताई थी।