Highlights इस्लामाबाद (Islamabad) में कृष्ण मंदिर की नींव तोड़ने के बाद अब गुरुद्वारे (Gurudwara) की जमीन पर कब्जा जमाया। मौलवी ने वीडियो जारी कर पाकिस्तान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (पीजीपीसी) के पूर्व अध्यक्ष गोपाल सिंह चावला को धमकी दी।
इस्लामाबाद। पहले कृष्ण मंदिर और अब गुरुद्वारे (Gurudwara) को लेकर पाकिस्तान (Pakistan) में कट्टरपंथी बवाल काट रहे हैं। एक मौलवी ने गुरुद्वारे की जमीन पर कब्जा जमा लिया है। उसने बकायदा एक वीडियो के जरिए संदेश दिया है कि पाकिस्तान एक इस्लामिक देश है। यहां पर केवल मुस्लिम ही रह सकते हैं। पाकिस्तान सरकार में बीते कुछ महीनों से इस तरह की घटानाएं तेजी से बढ़ रही हैं। यहां पर अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के मामले सामने आ रहे हैं।
बीते दिनों पाक सरकार की तरफ से इस्लामाबाद (Islamabad) में एक कृष्ण मंदिर बनाने की तैयारी थी। इसके लिए जमीन भी तय हो गई और नीव भी डाल दी गई थी। मगर बाद में कट्टरपंथियों ने इसका जबरदस्त विरोध किया। उन्होंने इसकी नींव तक तोड़ डाली। यह मामला कोर्ट में चला गया। एक और मामले में करीब 74 साल पुराने गुरुद्वारे को सिखों को वापस करने की बात सामने आई है। इस जगह पर लड़कियों के स्कूल चलाया जा रहा था। मगर अब इसे लेकर भी कट्टरपंथियों ने रोड़ा अटकाना शुरू कर दिया।
सिखों से बदसलूकी शुरू कर दी
मौलवी सोहैल बट्ट नाम का ये कट्टरपंथी दावत-ए-इस्लामी (बरेलवी) नाम के संगठन का बताया जा रहा है। ये मौलवी लाहौर में मुस्लिम सूफी संत हजरत शाह काकु चिश्ती की दरगाह का रखवाला भी है। इसी ने गुरुद्वारे को लेकर अपने साथियों को भड़काया और इसके बाद सैंकड़ों लोग यहां पर पहुंच गए। यहां इन्होने सिखों से बदसलूकी शुरू कर दी और गुरुद्वारा शहीद भाई तारु सिंह की जमीन पर कब्जा जमा लिया। इस मौलवी ने वीडियो जारी कर पाकिस्तान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (पीजीपीसी) के पूर्व अध्यक्ष गोपाल सिंह चावला को धमकी दे डाली। उसने कहा कि यहां पर सिर्फ मुसलमानों के रहने की ही जगह है।
आईएसआई का समर्थन प्राप्त है
बताया जा रहा है कि मौलवी पर आईएसआई का समर्थन प्राप्त है। वह अकसर आईएसआई के सीनियर अफसर जेन साब के साथ अकसर देखा जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी अफसर की वजह से मौलवी लोगों को धमकाने की कोशिश् कर रहा है। इस वीडियो में मौलवी कह रहा है- एक मुस्लिम राष्ट्र होने के नाते पाकिस्तान केवल मुस्लिमों का है। यह एक इस्लामी राष्ट्र है, वे कैसे गुंडागर्दी दिखा सकते हैं? रिकॉर्ड बताते हैं कि यह साइट हमारी है।'