म्यांमार की सेना ने आज एक बड़ा फैसला लेते हुए कई कैदियों की रिहाई का ऐलान किया है।
म्यांमार की सेना, जिसे म्यांमार जुंटा (Myanmar Junta) के नाम से भी जाना जाता है, ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए सभी को चौंका दिया है। देश के राष्ट्रीय विजय दिवस के अवसर पर म्यांमार जुंटा ने कैदी माफी का ऐलान किया है। 1 फरवरी 2021 को सरकार का तख्तापलट करने के बाद से ही म्यांमार में सेना शासन लागू है। इसके बाद से ही कई लोगों को जेल में कैद किया गया है। पर अब म्यांमार के राष्ट्रीय विजय दिवस को चिन्हित करने के लिए सेना इस दिन करीब 6,000 कैदियों को रिहा करेगी।
यूके के पूर्व राजदूत, ऑस्ट्रेलिया के आर्थिक सलाहकार और जापानी पत्रकार भी है शामिल
म्यांमार की सेना कुल 5,744 कैदियों को रिहा करेगी। इन कैदियों में यूके के पूर्व राजदूत विकी बोमैन (Vikky Bowman), ऑस्ट्रेलिया के आर्थिक सलाहकार शॉन टर्नेल (Sean Turnell )और जापानी पत्रकार टोरू कुबोटा (Toru Kubota) भी शामिल हैं। इन कैदियों में 600-700 महिलाएँ भी हैं। इन तीनों को इनके देश वापस भेजा जाएगा। हालांकि सेना के प्रवक्ता ने इसकी निश्चित तारीख की जानकारी नहीं दी है। साथ ही पूर्व सरकार के ऐसे अधिकारी जिन्हें कैद किया गया था, उन्हें भी रिहा किया जाएगा।