
काठमांडू। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ( KP Sharma Oli) और पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' (Pushp Kamal Dahal Prachand) के बीच शनिवार को हुई बैठक बेनतीजा रही। करीब चार घंटे चली चर्चा में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी (Communist Party) के कई नेता शामिल हुए। पार्टी के वरिष्ठ नेता गणेश शाह के अनुसार नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (NCP) की नौ सदस्यीय केंद्रीय सचिवालय की बैठक में कोई फैसला नहीं हो सका। हालांकि पार्टी नेताओं ने रविवार को स्थायी समिति की बैठक के दौरान पेश किए एजेंडा पर चर्चा की।
पार्टी प्रवक्ता एन श्रेष्ठ ने बैठक के बाद मीडिया कर्मियों से बातचीत की। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने आम सहमति से मुद्दों का हल किए जाने पर सहमति व्यक्त की। रविवार को होने वाली 45 सदस्यीय स्थायी समिति की बैठक से पहले दोनों नेता पार्टी के शीर्ष निकाय के सम्मेलन को लेकर सहमत होने पर नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी ने सचिवालय की बैठक बुलाई। रविवार को स्थायी समिति की बैठक दोपहर बाद तीन बजे शुरू होगी।
स्थायी समिति की बैठक
पार्टी के भीतर झगड़े को शांत करने के लिए ओली और प्रतिद्वंद्वी गुट की अगुवाई कर रहे प्रचंड को बातचीत के लिए और समय देने को लेकर स्थायी समिति की बैठक रविवार तक के लिए रोक दी गई थी। इससे पहले हुई बैठकों में ओली ने प्रचंड वाले गुट की मांग पर एनसीपी का अध्यक्ष पद छोड़ने या इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था।
स्थायी समिति के अध्यक्ष गणेश शाह ने कहा कि रविवार को होने वाली स्थायी समिति की बैठक में केंद्रीय कार्यकारिणी समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक की तारीख की घोषणा की जा सकती है इसमें पीएम ओली के भविष्य पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
ओली और प्रचंड के बीच कम से कम आठ बैठकें हुई हैं
गौरतलब है कि स्थायी समिति की शुक्रवार को हुई बैठक में प्रधानमंत्री ओली के भविष्य पर निर्णय लिया जाना था। पार्टी के भीतर कलह का अंत करने के लिए पार्टी अध्यक्ष ओली, प्रचंड और पूर्व प्रधानमंत्री माधव कुमार पीएम के आवास पर गुरुवार को बैठक की। पार्टी के सूत्रों ने बताया कि हाल के कुछ हफ्तों में ओली और प्रचंड के बीच कम से कम आठ बैठकें हुई हैं। प्रधानमंत्री को 'एक व्यक्ति एक पद' की शर्त स्वीकार नहीं थी इसलिए बातचीत विफल रही। प्रचंड के साथ पार्टी सदस्यों का मनना है कि ओली लगातार भारत विरोधी फैसले ले रहे हैं। उनके काम करने का तरीका भी सही नहीं है। प्रचंड का कहना है कि ओली पीएम पद से इस्तीफा देने के साथ पार्टी के अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दें।