
काठमांडू। बीते दस सालों में तस्करी की विभिन्न वारदातों में नेपाल सरकार द्वारा जब्त की गई 1,73,072 किलोग्राम लाल चंदन की लकड़ी भारत को लौटाई जाएगी। यह चंदन नेपाल के रास्ते भारत से चीन तस्करी कर ले जाने की कोशिश के दौरान जब्त की गई थी। नेपाल और भारत दोनों ने 'कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल ट्रेड इन एनडेंजर्ड स्पीशीज ऑफ वाइल्ड फॉना एंड फ्लोरा' (सीआईटीईएस) बहुपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के अनुसार व्यापार के लिए वर्जित जब्त की गई वस्तु को उसके मूल देश को लौटाने का प्रावधान है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नेपाल सरकार ने कहा है कि जब्त की गई 1,73,072 किलोग्राम लाल चंदन की लकड़ी भारत 90 दिन के भीतर वापस ले जा सकता है। संचार एवं सूचना मंत्री गोकुल प्रसाद बस्कोटा ने यहां एक पत्रकार वार्ता में कहा कि इंटरनेशनल ट्रेड इन एनडेंजर्ड स्पीशीज ऑफ वाइल्ड फॉना एंड फ्लोरा कंट्रोल ऐक्ट 2016 के अनुच्छेद 7 के अनुसार विदेश मंत्रालय के जरिये संबंधित भारतीय अधिकारियों को लाल चंदन की लकड़ी सौंपी जाएगी।'
उन्होंने यह भी कहा कि कीमती लकड़ी को लौटाने में लगी माल ढुलाई लागत भारत द्वारा वहन की जाएगी। बस्कोटा के अनुसार नेपाल के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को तस्करी की जब्त की गई लकड़ी का प्रबंधन करने में समस्या हो रही थी। जब्त की गई चंदन की लकड़ी का मूल्य नहीं बताया गया है। उन्होंने कहा कि लाल चंदन की लकड़ी की सुरक्षा के लिए चार से पांच बंदूकधारी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।