उत्तर व दक्षिण कोरिया में एक बार फिर से मन-मुटाव हो सकता है। वादे के अनुसार किम जोंग ने परमाणु परीक्षण स्थल को बंद नहीं किया है।
प्योंगयांगः उत्तर कोरिया का परमाणु परीक्षण स्थल इस समय पूरी तरह क्रियाशील है। उत्तर कोरिया ने हालांकि पिछले महीने घोषणा की थी कि वह परीक्षण स्थल को बंद करने जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्तर कोरिया ने पुंग्ये-री परमाणु परीक्षण स्थल को अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों और पत्रकारों की मौजूदगी में स्थायी रूप से बंद करने का प्रस्ताव दिया था। यह प्रस्ताव उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन के बीच 27 अप्रैल को हुए ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों कोरिया द्वारा प्रायद्वीप को पूर्ण रूप से परमाणु मुक्त किए जाने पर हुई सहमति के बाद दिया गया था।
रिपोर्ट में सामने आई सच्चाई
रिपोर्ट में यह भी पुष्टि की गई है कि परमाणु परीक्षण स्थल की दो मध्य सुरंगें अच्छी हालत में हैं। इसके विपरीत विशेषज्ञों की पहले की रिपोर्ट में कहा गया था कि उत्तर कोरिया की तरफ से सितंबर में किए गए छठे और सबसे ज्यादा शक्तिशाली भूमिगत परमाणु परीक्षण में दोनों सुरंगें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाएंगी। शिखर सम्मेलन के दौरान किम ने उत्तर कोरिया के परमाणु मुक्त करने की प्रतिबंधता को उजागर करने के लिए पुंग्ये-री स्थल को सार्वजनिक तौर पर बंद किए जाने का प्रस्ताव दिया था।
उत्तर और दक्षिण कोरिया ने हटाए लाउडस्पीकर
उधर उत्तर और दक्षिण कोरिया ने मंगलवार को अपनी सीमाओं पर प्रचार के लिए लगे लाउडस्पीकर हटाने शुरू कर दिए। बीते महीने दोनों देशों के नेताओं के बीच हुई ऐतिहासिक शिखर बैठक में हुए समझौते के तहत सीमा से लाउडस्पीकरों को हटाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने लाउडस्पीकरों को हटा दिया। इन्हें पाजू में उत्तर कोरिया पर मनोवैज्ञानिक युद्ध के प्रचार के लिए लगाया गया था। दरअसल दक्षिण कोरिया ने दुष्प्रचार प्रसारण को रोकने का फैसला किया है। इस प्रचार में उत्तर कोरियाई शासन के खिलाफ खबरें, संदेश और के-पॉप संगीत शामिल हैं। दक्षिण कोरिया का यह कदम शिखर बैठक के समझौते के तहत मित्रता के संकेत के तौर पर है। दक्षिण व उत्तर कोरिया 27 अप्रैल को शिखर बैठक के दौरान सभी तरह के शत्रुतापूर्ण कृत्यों को खत्म करने पर सहमत हुए हैं, जिसमें प्रचार के लाउडस्पीकर्स हटाना भी शामिल हैं।