2001 में अमरीका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले का बदला लेने के लिए अमरीकी स्पेशल कंमाडो फोर्स ने पाकिस्तान के एब्टाबाद में उसे मौत के घाट उतारा था।
नई दिल्ली। ओसामा बिन लादेन की मौत को अब करीब 8 साल गुजर चुके हैं। दुनियाभर में अपने आतंक से दहशत फैलाने वाले अल कायदा आतंकी संगठन के प्रमुख को दुनिया का सबसे बड़ा आतंकी माना जाता था। 2001 में अमरीका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले का बदला लेने के लिए अमरीकी स्पेशल कंमाडो फोर्स ने पाकिस्तान के एब्टाबाद में उसे मौत के घाट उतारा था।
लादेन की आखिरी इच्छा
हालांकि, इतने सालों में कई बार ऐसे मौके भी आए जब लोगों ने उसके जीवित होने का दावा भी किया। इसी बीच अब इस वैश्विक आतंकी के आखिरी इच्छा के बारे में खुलासा हुआ है। दरअसल, उसके पास सूडान में 29 मिलियन डॉलर की संपत्ति थी। इसके साथ ही उसके पिता भी सऊदी अरब के एक अरबपति थे। लादेन की आखिरी इच्छा थी कि वो अपने अरबों रुपयों की संपत्ति का इस्तेमाल वैश्विक जेहाद को जारी रखने के लिए करे। ये दावा लादेन के ठिकाने से जब्त किए गए दस्तावेजों के आधार पर किया जा रहा है।
ठिकाने पर ही मारा गया था लादेन
गौरतलब है कि लादेन अमरीका के न्यूयार्क शहर में स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर 2001 में हुए हमले के अलावा दुनिया के कई देशों में आतंकी वारदातों को अंजाम देने और संचालित करने का दोषी था। उसे 2 मई, 2011 को उसके ठिकाने पर मार गिराया था। उस वक्त उसपर 5 करोड़ डॉलर का इनाम रखा गया था।
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