
नई दिल्ली। अब पाकिस्तान में हिंदुओं के बाद चरमपंथी लोग ईसाईयों को निशाना बना रहे हैं। दक्षिण-पश्चिम बलूचिस्तान में चरपंथियों ने अंधाधुंध फायरिंग में रिक्शे पर जा रहे 4 ईसाइयों की निर्मम हत्या कर दी। इस घटना की जिम्मेदारी किसी भी संगठन ने अभी तक नहीं ली है। हत्या किन वजहों से हुई इस बात का खुलासा नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि चारों ने इस्लाम धर्म कबूल से इनकार कर दिया था।
ईशनिंदा के आरोप में हत्या
पाक मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बलूचिस्तान के शहर क्वेटा में शाह जमान रोड पर रिक्शे पर जा रहे चार ईसाइयों पर बाइक सवार चरमपंथियों ने अंधाधुंध फायरिंग की। इस हमले में चारों ईसाइयों की मौत हो गई जबकि एक नाबालिग लड़की घायल हो गई। फायरिंग करने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। पुलिस को आशंका है कि यह हमला ईसाइयों को ही लक्ष्य बनाकर किया गया है। बता दें कि पाकिस्तान की 18 करोड़ की आबादी में ईसाई महज दो प्रतिशत से भी कम हैं। पाकिस्तान में अमूमन ईशनिंदा का आरोप लगाकर गैर इस्लाम मानने वालों की इस तरह से हत्याएं आम बात है। इसी कारण पिछले कुछ वर्षो में उन पर हमले की घटनाएं बढ़ी हैं। इस बात की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाक सरकार को आलोचनाओं का भी शिकार होना पड़ा है। इससे पाकिस्तान की छवि दुनियाभर एक ऐसे देश की रूप में उभरकर सामने आई जहां गैर इस्लाम धर्मावलंबी सुरक्षित नहीं हैं।
हाल ही में ईसाई दंपती को भी जिंदा जलाया था
आपको बता दें कि हाल ही में पाकिस्तान में एक ईसाई व्यक्ति और उसकी गर्भवती पत्नी को जिंदा जला दिया गया था। लाहौर के बाहरी इलाके में नवंबर, 2014 में ईशनिंदा का आरोप लगाकर घटना को अंजाम दिया गया था। ईसाई दंपती शहजाद मसीह और शमा कोट राधा किशन इलाके में ईंट भट्ठे के मजदूर थे। उन पर कुरान को अपवित्र करने का आरोप लगाकर करीब एक हजार लोगों की भीड़ ने हमला किया था। दंपती को बुरी तरह मारने-पीटने के बाद जलते भट्ठे में फेंक दिया गया था। स्थानीय मौलवी ने मस्जिद से घोषणा कर दंपति के खिलाफ भीड़ को भड़काया था। उसके बाद लोगों की भीड़ ने इसाई दंपत्ति को चारों तरफ से घेरकर हत्या कर दी थी।