एशिया

Pakistan के सिंध प्रांत में 102 हिंदुओं का जबरन धर्म परिवर्तन कराया, घरों के साथ मंदिर में तोड़फोड़

Highlights हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों को तोड़ दिया गया और मंदिर को मस्जिद में तब्दील कर दिया गया, घरों से जबरन अपहरण किया। हिंदू लड़के को इस्लाम कबूल करने से इनकार करने पर उसे उठाकर ले गए, यहां पर मानवाधिकार संगठन बेअसर

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Converted to Islam Forcefully In Sindh
हिंदुओं को जबरन इस्लाम कबूलवाया गया।

इस्लामाबाद। पाकिस्तान (Pakistan) में अल्पसंख्यकों की स्थिति बेहद चिंताजनक है। एक रिपोर्ट के अनुसार सिंध प्रांत में बड़े स्तर पर हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कर, उन्हें मुस्लिम बनाए जाने का सनसीखेज मामला सामने आया है। यहां बादिन प्रांत के 102 हिंदुओं को जबरन इस्लाम कबूलवाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक इन लोगों में बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इस दौरान यहां के स्थानीय मंदिर में रखीं हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों को तोड़ दिया गया और मंदिर को मस्जिद में तब्दील कर दिया गया।

सिंध में विरोध प्रदर्शन

बादिन (Badin)जिले के गोलारिची में 17 मई को हिंदुओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें तबलीगी जमात ने काफी परेशान किया। उनके घरों में जमकर तोड़फोड़ की और एक हिंदू लड़के को इस्लाम कबूल करने से इनकार करने पर उसे उठाकर ले गए। सिंध कर एक वीडियो भी सोशल मीडिया के सामने आया था। इसमें दिखाया गया था कि भील हिंदू मटियार के नासुर पुर में जबरन कराए जा रहे धर्म परिवर्तन के खिलाफ विरोध—प्रदर्शन कर रहे थे।

मानवाधिकार आयोग ने भी टोका

प्रदर्शन कर रही एक महिला ने कहा कि उन लोगों को पीटा गया, उनकी संपत्ति को छीन लिया गया और घर तोड़ दिए गए। उन लोगों को धमकी दी गई कि अगर उन्हें अपने घर वापस चाहिए तो उन्हें इस्लाम को कबूल करना जरूरी है। गौरतलब है कि पाकिस्तान के सिंध प्रांत हिंदू पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं। अक्सर हिंदू और ईसाई समुदाय के लोगों पर अत्याचार की खबरें आ जाती हैं। पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने भी इस साल कहा था कि अल्पसंख्यकों पर बहुत अत्याचार हुआ है और उनके हालात सुधारने के लिए उठाए गए कदम बेअसर रहे हैं।

लगातार घट रही हिंदुओं की आबादी

1947 में हिंदुओं की जनसंख्या पाकिस्तान 16 फीसदी थी लेकिन ये बंटवारे के बाद अब 1.3 फीसदी पर आ गई। जब 1951 में पाकिस्तान में पहली बार जब जनगणना हुई तो हिंदुओं की संख्या 1.5 से 0.2 फीसदी थी। हिंदुओं का जीवन पाकिस्तान में बहुत कठिन है। यहां पर रहने वाले सभी हिंदुओं पर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहता है। यहां पर मानवाधिकार की हालत भी कोई बहुत बेहतर नहीं है। आए दिन वहां पर हिंदू लड़कियों के साथ जबरन मुस्लिम निकाह कर लेते हैं और उनकी जिंदगी तबाह कर देते हैं।

Updated on:
30 Jun 2020 03:19 pm
Published on:
30 Jun 2020 01:02 pm