पाकिस्तान, चीन और अफगानिस्तान ने शनिवार को दूसरी त्रिपक्षीय मंत्रिस्तरीय वार्ता के दौरान आतंकवाद के सहयोग पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए
काबुल। पाकिस्तान, चीन और अफगानिस्तान आनकवाद से मिलकर लड़ेंगे। तीनों देशों के बीच आतंकवाद विरोधी सहयोग पर समझौता हो गया है। पाकिस्तान, चीन और अफगानिस्तान ने शनिवार को दूसरी त्रिपक्षीय मंत्रिस्तरीय वार्ता के दौरान आतंकवाद के सहयोग पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। बता दें कि आतंकवाद विरोधी और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के अलावा, शांति प्रक्रिया पर चर्चा के लिए अफगान राजधानी में त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की जा रही है।
आतंकवाद से मिलकर लड़ेंगे तीनों देश
जियो न्यूज की रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरेशी एक दिवसीय यात्रा के लिए काबुल में हैं। काबुल में उन्होंने चीनी और अफगान समकक्षों, वांग यी और सलाहुद्दीन रब्बानी के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए।त्रिपक्षीय वार्ता के दौरान, कुरेशी ने कहा कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन को आतंकवाद से लड़ने और इस क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए करने के लिए एक साथ आना चाहिए। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में तीनों देशों के बीच क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। पाकिस्तानी मंत्री ने कहा, "पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच खुफिया साझाकरण बेहतर होने से दोनों देशों के लिए सीमा प्रबंधन पर कई फायदेमंद आयाम स्थापित होने की उम्मीद है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच विश्वास बढ़ाने पर सहमति
अगस्त में विदेश मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद यह कुरेशी की दूसरी अफगानिस्तान यात्रा है। उन्होंने सितंबर में अफगानिस्तान का दौरा किया और उस समय उन्होंने देश की शांति प्रक्रिया पर अफगान नेतृत्व के साथ बातचीत की। चीनी विदेश मंत्री ने कहा कि बीजिंग इस्लामाबाद और काबुल के बीच विश्वास घाटे को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि चीन अफगान-नेतृत्व वाली और अफगान-स्वामित्व वाली शांति प्रक्रिया का समर्थन करता है।