पाकिस्तान चुनाव आयोग के समन भेजने के बाद भी ये उम्मीदवार चुनावों में भाग ले सकेंगे। इस मामले की अगली सुनवाई 29 अगस्त को होगी, जबकि मतदान 25 जुलाई को ही होंगे।
लाहौर। पाकिस्तान आम चुनावों को लेकार चुनाव प्रचार थम गया है। कल होने वाले चुनावों को लेकर एक बड़ी खबर आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान में चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों में से तीन उम्मीदवार संयुक्त राष्ट्र की सूची में आतंकवादी करार दिए गए हैं। इस मामले का पता चलने के बाद चुनाव आयोग ने अल्लाहू अकबर तहरीक के इन तीन उम्मीदवारों को आदेश दिया कि वो अपने राष्ट्रीय पहचान पत्र और पासपोर्ट की प्रतियां आयोग में दाखिल करें।
खूंखार आतंकी चुनाव मैदान में
इस आदेश के जवाब में अल्लाहू अकबर के वकील ने तीनों उम्मीदवारों की तरफ से पेश हुए। वकील ने चुनाव आयोग के बेंच के समन को गलत ठहराते हुए इसका विरोध किया। वकील ने दलील पेश करते हुए कहा कि चुनाव से ठीक एक दिन पहले इस तरह का समन भेजना सही नहीं है। गौरतलब है कि बेंच ने उम्मीदवारों को आदेश दिया कि वह अपनी राष्ट्रीयता से संबंधित दस्तावेज और पासपोर्ट की कंप्यूटरीकृत प्रतियां लिखित जवाब के साथ भेजें।
मतदान में भाग ले सकेंगे उम्मीदवार
इस मामले में पाकिस्तान चुनाव आयोग के समन भेजने के बाद भी ये उम्मीदवार चुनावों में भाग ले सकेंगे। इस मामले की अगली सुनवाई 29 अगस्त को होगी, जबकि मतदान 25 जुलाई को ही होंगे। हालांकि अगर पाकिस्तानी चुनाव आयोग ने मतदान के बाद भी कोई फैसला उनकी योग्यता के खिलाफ सुनाया तो उन्हें चुनाव में जीतने के बाद भी बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।
पिछले हफ्ते ही भेजा था नोटिस
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पिछले हफ्ते ही इस मामले की जानकारी चुनाव आयोग के पास थी। आयोग ने इन तीनों उम्मीदवारों को नोटिस भेजकर कहा कि वो आयोग के सामने उपस्तिथि दर्ज करें। नोटिस में साफ लिखा था,” अगर उम्मीदवार आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं होते हैं तो बेंच उनकी गैर मौजूदगी में ही फैसला सुना देगी।”
आतंकी हाफिज सईद की पार्टी को चुनाव आयोग ने नाकारा
आतंकी हाफिज सईद की पार्टी मिल्ली मुस्लिम लीग जो कि उसके संगठन जमात उद दावा की राजनीतिक शाखा है, इसका पंजीकरण पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने निरस्त कर दिया था। इसी कारण हाफिज सईद ने अपने उम्मीदवारों को अल्लाहू अकबर तहरीक नाम की राजनीतिक पार्टी से चुनाव लड़ाने के लिए मैदान में उतारा था।