Highlights: पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने भारत के खिलाफ संसद में दिया बयान कुरैशी ने कहा-हम अफगानिस्तान में भारत की कोई भूमिका नहीं चाहते अफगान शरणार्थियों के लिए बंद पाक के दरवाजे
इस्लामाबाद। पाकिस्तान (Pakistan) को अफगानिस्तान (Afghanistan) से भारत की नजदीकियां पच नहीं रही हैं। अमरीका (America) के बुलावे पर भारत (India) अफगान शांति वार्ता (Afghan Peace Deal) का गवाह बना था। लेकिन, भारत की इस मामले में संलिप्तता से पाकिस्तान को मिर्ची लग रही है। पाकिस्तान भारत को दी जा रही है यह तवज्जो पचा नहीं पा रहा है। अब पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने भारत के खिलाफ जहर उगलते हुए एक बयान जारी किया है।
हम अफगानिस्तान में भारत की कोई भूमिका नहीं चाहते
कुरैशी ने कहा है कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में सुरक्षा को लेकर भारत की कोई भूमिका बर्दाश्त नहीं करेगा। पाकिस्तानी संसद में कुरैशी ने एक बयान में कहा अफगानिस्तान की सुरक्षा में हम भारत की भी कोई भूमिका नहीं चाहते। लेकिन, इसके साथ ही हम वहां अल-कायदा और ISIS जैसे आतंकियों की मौजूदगी भी नहीं चाहता। कुरैशी ने अफगानिस्तान में भारत की भूमिका को एक विघ्नकर्ता वाली बताई है।
भारत की भूमिका विघ्नकर्ता वाली: कुरैशी
कुरैशी ने कहा, 'भारत अतीत में भी विघ्नकर्ता की भूमिका में था। आज भी अफगानिस्तान के भीतर और बाहर उनकी भूमिका वही है। भारत यहां अपना मकसद पूरा करना चाह रहा है।' अपने बयान में कुरैशी ने आगे कहा कि पाकिस्तान अफगानिस्तान के साथ द्विपक्षीय रूप से सभी मुद्दों को हल करने के लिए उत्साहित है। ऐसे में पाकिस्तान की अपील है कि तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप से इस मुद्दे का कोई हल न निकाला जाए।
अफगान शरणार्थियों के लिए बंद पाक के दरवाजे
अपने बयान में पाक विदेशी मंत्री ने आगे एक चेतावनी और दी है कि अगर इस डील के बाद भी अफगानिस्तान में अस्थिरता और अशांति फैलती है तो पाकिस्तान अब यहां पर और शरणार्थियों को नहीं आने देगा। कुरैशी ने कहा कि अब अफगान शरणार्थियों के लिए इस्लामाबाद अपने दरवाजे नहीं खोलेगा।