
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने के बाद से पाकिस्तान लगातार कोशिश कर रहा है कि हिंदुस्तान से इसका बदला लिया जाए। इसके लिए साम, दाम, दंड और भेद का पूरी तरह से इस्तेमाल किया जा रहा है। अभी तक बॉर्डर पर गोलीबारी कर और आतंकियों की घुसपैठ कराकर ही पाकिस्तान हिंदुस्तान से बदला लेने की तरकीब सोच रहा था, लेकिन अब उसने नया रास्ता तैयार कर लिया है। दरअसल, ऐसी खबर है कि पाकिस्तान नकली नोटों के नेटवर्क को हिंदुस्तान पहुंचाने की कोशिश में है। नोटबंदी से पहले जिस तरह पाकिस्तान नकली नोटों के जरिए भारत को नुकसान पहुंचाने के लिए काम कर रहा था, ठीक वैसे ही वो इस बार भी कर रहा है।
पाकिस्तान नकली नोटों की करेंसी पहुंचा रहा है पाकिस्तान
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2016 से पहले जिन रास्तों के जरिए नकली करेंसी को हिंदुस्तान पहुंचाया जाता था, उसी तरह पाकिस्तान फिर से बड़ी मात्रा में जाली नोटों को भारत भेज रहा है। हैरानी वाली बात ये है कि पाकिस्तान इसके लिए नेपाल, बांग्लादेश और अन्य देशों में रहने वाले भारतीय राजनयिकों की मदद ले रहा है। नकली नोटों के वितरण के लिए राजनयिक माध्यमों का दुरुपयोग किया जा रहा है। इसके लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने भी नकली नोटों को ढंग से छापने की कला ईजाद कर ली है, जिससे भारत में बेहतर गुणवत्ता वाले जाली नोटों की खेप भेजी जा सकें।
आतंकी संगठनों की जा रही है हिंदुस्तान की नकली करेंसी
जानकारी के मुताबकि, पाकिस्तान ने भारत में चलने वाली करेंसी की एकदम नकल तैयार कर ली है और लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों को मुहैया कराई जा रही है। हिंदुस्तान में इन नोटों को पहुंचाने के लिए पाकिस्तान अलग-अलग प्लान तैयार कर रहा है। 22 सितंबर को खालिस्तान समर्थक खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के पास से 1 करोड़ रकम के नकली नोट बरामद किए थे। इस ग्रुप के पास से पुलिस ने 5 एके-47 राइफल्स, 30 बोर पिस्टल, 9 हैंड ग्रेनेड, 5 सैटलाइट फोन, 2 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए थे। यह सारा सामान पाकिस्तानी ड्रोन्स के जरिए पहुंचाया गया था।