एशिया

अब भी FATF की शर्त पूरी नहीं कर पाया है पाकिस्तान, तीन दिवसीय बैठक में मांगेगा और मोहलत

FATF के तीन दिवसीय (मंगलवार से गुरुवार) बैठक में पाकिस्तान के 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल लेंगे हिस्सा फिलहाल, टेरर फंडिंग के चलते ग्रे लिस्ट में है पाकिस्तान ( Pakistan in FATF grey list )

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Pakistan in FATF

इस्लामाबाद। पाकिस्तान ( Pakistan ) में आतंक का वित्तपोषण होना किसी से छिपा नहीं है। इसके चलते आतंक के वित्तपोषण पर नजर रखने वाली अंतर्राष्ट्रीय संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स ( FATF ) लगातार उसको चेतावनी दिए जा रही है। लेकिन संस्था की ग्रे लिस्ट में होने के बावजूद भी पाकिस्तान ( Pakistan in FATF grey list ) उनकी शर्तों को पूरा नहीं कर पा रहा है। इस बार की बैठक में भी उसका यही हाल है। आलम यह है कि अब पाक फिर से उनसे मोहलत मांगने वाला है।

FATF की संयुक्त बैठक में 22 बिंदुओं होगी समीक्षा

पाकिस्तान के आर्थिक मामलों के राज्यमंत्री हमद अजहर और उनकी टीम बीजिंग में मंगलवार से शुरू हो रही FATF की संयुक्त बैठक में 22 बिंदुओं पर देश के प्रदर्शन की समीक्षा करेगी। इसके साथ ही थोड़ी और मोहलत की भी मांग करेगी। एक समाचार रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई।

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तीन दिवसीय (मंगलवार से गुरुवार) बैठक में पाकिस्तान के 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी वित्तपोषण से निपटने के लिए देश के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए FATF द्वारा दी गई 22 प्रमुख कार्ययोजना बिंदुओं पर अपनी बात रखने के उद्देश्य से भाग ले रहे हैं।

पेरिस की बैठक में यह संभावनाएं

दूसरी ओर, FATF की आगामी विस्तृत बैठक की सम्भवत: अगले महीने पेरिस में आयोजित होने की उम्मीद है, जहां पाकिस्तान के लिए तीन संभावनाएं हो सकती हैं-या तो ग्रे सूची से बाहर किया जाएगा और सफेद सूची पर लाया जाएगा या सबसे खराब स्थिति में ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। ग्रे लिस्ट की स्थिति में पाकिस्तान साल 2018 के जून से मौजूद है।

पिछली बैठक में ऐसा था पाक का प्रदर्शन

पाकिस्तान ने अपनी अनुपालन रिपोर्ट में FATF के संयुक्त समूह को अवगत कराया कि देश में ज्यादा से ज्यादा 500 आतंक-वित्तपोषण से संबंधित मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें से 55 अदालत में दोषी ठहराए गए। अपनी पिछली बैठक में FATF ने कार्ययोजना के कुल 27 बिंदुओं में से केवल पांच पर ही संतोष दिखाया था और फरवरी तक देश को ग्रे सूची में रखने का निर्णय लिया था।

जानकार सूत्रों के मुताबिक, कार्ययोजना के बचे कुल 22 बिंदुओं पर अपनी बात रखने की फरवरी तक की समयसीमा बहुत कम होने के चलते पाकिस्तान को इस बात की उम्मीद है कि एफएटीएफ उन्हें संभवत: जून या सितंबर तक का और वक्तदे दें।

इन देशों के कारण अबतक बचता रहा है पाकिस्तान

पाकिस्तान अब तक चीन, तुर्की, मलेशिया, सऊदी अरब और मध्य पूर्वी देशों के राजनयिक समर्थन के चलते ब्लैकलिस्ट से बचने में सफल रहा है। अब ब्लैकलिस्ट में शामिल होने से बचने के लिए एफएटीएफ फोरम के कुल 39 सदस्यों में से सिर्फ तीन वोटों की आवश्यकता है।

Updated on:
21 Jan 2020 03:55 pm
Published on:
21 Jan 2020 03:53 pm
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