प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद भी भी अपनी बात रखी। पीएम मोदी ने SECURE मंत्र भी दिया।
किंगदाओ। शंघाई सहयोग संगठन में शिरकत करने के लिए सदस्य देश पहुंच गए हैं। उनका स्वागत चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए चीन के किंगदाओ पहुंचे। वहीं, सम्मेलन के स्वागत समारोह में पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मुलाकात हुई।
क्या बोले पीएम मोदी?
शंघाई सहयोग संगठन में पीएम मोदी ने रमजान और ईद की बधाई दी। पीएम मोदी ने कहा कि पड़ोसियों के साथ कनेक्टिविटी पर भारत का जोर है। साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। सुरक्षा के लिए छह कदम उठाने जरूरी। हमारी संप्रभुता का सम्मान जरूरी है। 25वें समिट के लक्ष्ण तय होने चाहिए। पीएम मोदी ने आतंकवाद का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आतंकवाद से प्रभावित सबसे दुर्भाग्यशाील उदाहरण है अफगानिस्तान। मुझे उम्मीद है कि राष्ट्रपति गनी ने जो साहसिक कदम उठाए हैं, उसे सभी देशों की ओर से सम्मानित किया जाएगा। पीएम मोदी ने SECURE मंत्र भी दिया।
क्या है शंघाई सहयोग संगठन ?
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा सहयोग का संगठन है, जिसकी शुरुआत चीन और रूस के नेतृत्व में हुई थी। साल 1996 में रूस, चीन, ताजिकिस्तान, कजाकस्तान और किर्गिस्तान ने आपसी सहयोग को लेकर एक संगठन बनाया था जिसका नाम उस समय शंघाई-5 दिया गया था। साल 2001 में उज्बेकिस्तान के इसमें शामिल होने के बाद इसका नाम शंघाई सहयोग संगठन दिया गया। 2014 में भारत ने शंघाई सहयोग संगठन की सदस्यता के लिए आवेदन किया। रूस के उफ़ा में भारत को शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य का दर्जा मिलने का ऐलान 2015 में हुआ। भारत जून 2017 में पाकिस्तान के साथ इस संगठन का पूर्ण सदस्य बना।