अमरीका-उत्तर कोरिया के बीच बातचीत रद्द होने के खिलाफ अमरीकी दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप से माफी मांगने की अपील की है
सियोलः अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के बीच शिखर सम्मेलन ट्रंप द्वारा रद्द कर दिए जाने के बाद शुक्रवार को यहां सैकड़ों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। किम के साथ सिंगापुर में तय शिखर सम्मेलन को ट्रंप द्वारा गुरुवार को रद्द किए जाने के बाद करीब 100 लोगों ने सियोल में अमरीकी दूतावास के पास प्रदर्शन किया। मीडिया रिपोर्ट के रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारी तीन अलग-अलग समूहों से थे। वे हाथों में तख्तियां लिए हुए थे और अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले की अलोचना कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप और किम से वार्ता करने का आग्रह किया।
माफी मांगे ट्रंपः प्रदर्शनकारी
कुछ प्रदर्शनकारियों की तख्तियों पर 'नो वार यस पीस' लिखा था, जबकि एक प्रदर्शनकारी ने ट्रंप के चेहरे का मास्क पहना था, उसकी तख्ती पर कोरियाई में लिखा था, 'उत्तर कोरिया से अब बात करे या शिखर सम्मेलन को रद्द करने के लिए माफी मांगे।' प्रदर्शन में पुलिस के किसी दखल की कोई सूचना नहीं है। ट्रम्प और किम ने कोरियाई प्रायद्वीप के संभावित परमाणु निरस्त्रीकरण पर चर्चा के लिए 12 जून को सिंगापुर में एक शिखर सम्मेलन आयोजित करने की योजना बनाई थी, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति ने किम को लिखे एक पत्र में बैठक को रद्द कर दिया।
ट्रंप ने जताई थी नाराजगी
इस पत्र में ट्रंप ने कहा था कि इस समय बैठक 'अनुचित' है क्योंकि उत्तर कोरिया ने कथित रूप से 'खुलेआम दुश्मनी और नाराजगी' जाहिर की है। यह वार्ता उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच नजदीक आने के बाद रद्द हुई है। उधर उत्तर कोरिया के एक मंत्री ने शुक्रवार को कहा कि प्योंगयांग अभी भी वाशिंगटन के साथ वार्ता का इच्छुक है। उन्होंने यह टिप्पणी डोनाल्ड ट्रंप के किम जोंग-उन के साथ होने वाली बैठक से अचानक पीछे हटने के फैसले के संदर्भ में की। उपविदेश मंत्री ने कहा कि अमरीका द्वारा वार्ता रद्द करने का निर्णय दोनों देशों के बीच शत्रुता की सीमा को दर्शाता है।