
ढाका। बांग्लादेश में रह रहे रोहिंग्या शरणार्थी जल्द ही म्यांमार लौटेंगे। जानकारी के मुताबिक वहां शरणार्थियों के लिए नए ट्रांसिट कैंपों बनाए गए हैं, जहां उनके 15 नवंबर से देशांतरित होना निर्धारित किया गया है। शरणार्थियों ने करीब एक साल पहले राखिने राज्य से सैन्य गतिविधियों के बाद पलायन कर लिया था।
परिवार के नामों की लिस्ट सौंपी जाएगी
रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि म्यांमार को उन रोहिंग्या परिवार के नामों की लिस्ट सौंपी जाएगी, जिनके वहां लौटने की संभावना है। हालांकि उखिया और कॉक्स बाजार के टेकनाफ कैंप के कुछ रोहिंग्या सुरक्षा कारणों से अभी भी वहां लौटने के लिए तैयार नहीं हैं।
करीब पांच हजार रोहिंग्याओं को वापस बुलाने का फैसला
इससे संबंधित प्राधिकारियों ने दावा किया है कि अगर सब ठीक रहा था तो ये प्रक्रिया जल्द ही प्रभावी ढंग से शुरू हो जाएगी। इसके लिए 22,000 नाम लिस्ट में दर्ज किए थे, हालांकि छानबीन करने के बाद नाएप्यीडॉ ने पहले चरण में करीब पांच हजार रोहिंग्याओं को वापस बुलाने का फैसला लिया है। इस बारे में मीडिया से बात करते हुए एक कैंप के कमिश्नर मोहम्मद अबूल कलाम ने कहा, 'केरांतली नयापारा में नाफ नदी के किनारे ट्रांसिट कैंप तैयार किए गए हैं। इसके साथ ही गुमधुम बॉर्डर पर भी रोहिंग्याओं के देशांतर के लिए कैंप बनाए गए हैं। पिछले दो महीनों में दो कैंप तैयार हो चुके हैं। अब हम अगले हफ्ते रोहिंग्याओं के लौटने के इंतजार में हैं।'
पिछले महीने बनी थी सहमति
आपको बता दें कि पिछले महीने इन दो देशों ने थर्ड वर्किंग ग्रुप की बैठक में रोहिंग्यों के देशांतर पर सहमति जताई थी। इस ग्रुुप का निर्माण पिछले साल दिसंबर में किया गया था, जिसमें दोनों देशों के 15-15 सदस्य शामिल थे।