मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह मामला पूर्व राष्ट्रपति और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सह-अध्यक्ष असिफ अली जरदारी से जुड़े अरबों रुपये के मनी लांडरिंग घोटाले से जुड़ा हुआ है
लाहौर। पाकिस्तान में एक गरीब सड़क विक्रेता को उस समय बड़ा झटका लगा जब उसे अपने बैंक खाते में 2.25 अरब रुपये की भारी राशि मिली। इतनी बड़ी राशि मिलने के बाद फालूदा विक्रेता अब जांच एजेंसियों के रडार पर है। इस बीच एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह मामला पूर्व राष्ट्रपति और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सह-अध्यक्ष असिफ अली जरदारी से जुड़े अरबों रुपये के मनी लांडरिंग घोटाले से जुड़ा हुआ है।
क्या है मामला
कराची में ओरंगी शहर के रहने वाले अब्दुल कदीर को फेडरल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एफआईए) से एक पत्र प्राप्त होने पर उन्हें उनके खाते में इतनी बड़ी राशि होने का पता चला। कदीर ने कहा, "मेरे भाई ने मुझे बताया कि मेरे नाम पर जांच एजेंसी से एक पत्र आया है और मुझे पूछताछ के लिए बुलाया गया है।" विक्रेता ने आगे कहा कि अधिकारियों ने जो पत्र दिखाए उनपर हस्ताक्षर अंग्रेजी में थे, जबकि वह उर्दू में करते हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, "मैं एक गरीब आदमी हूं जो आइसक्रीम और फलूदे का एक छोटा सा स्टॉल चलाता है। मेरे पास अरबों रुपये कैसे हो सकते हैं? कुछ समय पहली जब मैंने घर खरीदा तो केवल एक खाता खोलने के लिए बैंक गया था। उन्होंने कहा, "मैं दुनिया का सबसे दुर्भाग्यपूर्ण व्यक्ति हूं। मेरे खाते में अरबों हैं, लेकिन मैं इसमें से एक भी पैसे का उपयोग अपने जीवन की स्थिति में सुधार करने के लिए नहीं कर सकता।"
पूर्व राष्ट्रपति जरदारी से जुड़ा है मामला ?
पाकिस्तान के समाचार माध्यमों में दावा किया जा रहा है कि कदीर के बैंक खाते में मिली राशि पीपीपी सह-अध्यक्ष जरदारी और उनकी बहन फरील तालपुर से जुड़े अरबों रुपये के मनी लांडरिंग घोटाले से सम्बन्धित है। पाकिस्तान में इसे सिंध के इतिहास में हुआ अब तक का सबसे बड़ा घोटाला कहा जा रहा है।
पाकिस्तान में बढ़ रहे हैं ऐसे मामले
मीडिया से बातचीत में एक वरिष्ठ एफआईए अधिकारी ने दावा किया कि ओमनी समूह से जुड़े मनी लॉंडरिंग से संबंधित मामले हमारी जांच का एक हिस्सा है।" उन्होंने कहा कि अब्दुल कदीर जैसे कई लोग हैं जो उनके नाम से चल रहे खातों और उनमें जमा करोड़ों की राशि के बारे में जानते तक नहीं। उन्होंने कहा कि जांचकर्ताओं को समाज के निचले स्तर से संबंधित लोगों के नाम पर ऐसे हजारों खाते मिले हैं। अधिकारी ने दावा किया कि देश में 500 से अधिक ऐसे खाते हैं और जांचकर्ता उन्हें ढूंढ रहे हैं।