कहा, चर्च की रक्षा करना असंभव था भारतीयों सहित 290 लोग मारे गए पुलिस ने 24 लोगों को गिरफ्तार किया है
कोलंबो। श्रीलंकाई सरकार का कहना है कि ईस्टर संडे पर इतनी बड़ी बमबारी की कभी उम्मीद नहीं की गई थी। रक्षा सचिव हेमासिरी फर्नांडो ने मंगलवार को कहा कि हमलों के बारे में पूर्व खुफिया जानकारी प्राप्त होने के बाद भी बड़ी संख्या में हुए सीरियल ब्लास्ट को रोकना मुमिकन नहीं था। इस हमले में 8 भारतीयों सहित 290 लोग मारे गए। सात आत्मघाती हमलावर स्थानीय इस्लामी चरमपंथी समूह नेशनल तौहीते जमात के सदस्य हैं। इन्होंने देश के सबसे बड़े आतंकी हमले में श्रीलंका के चर्च और लक्ज़री होटलों में तबाही मचाई थी। हमलों के लिए किसी भी समूह ने जिम्मेदारी नहीं ली है। पुलिस ने 24 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये ज्यादातर एक इस्लामी चरमपंथी समूह के सदस्य हैं। धमाकों में 31 विदेशी मारे गए हैं, जिसमें आठ भारतीय मारे गए।
शक्तिशाली आपराधिक समूह
फर्नांडो ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इन हमलों की पूर्व सूचना प्राप्त करने के बावजूद बीते रविवार को बड़ी संख्या में चर्च की रक्षा करना असंभव था। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे परिमाण की उम्मीद नहीं थी और एक साथ इतने बम विस्फोट को रोकने के लिए व्यापक उपाय असंभव थे। फर्नांडो ने कहा कि राज्य खुफिया सेवा ने पहले ही देश में शक्तिशाली आपराधिक समूह के बारे में सरकार को सूचित कर दिया था। रक्षा सचिव ने कहा कि सरकार होटलों को सुरक्षा प्रदान नहीं करेगी क्योंकि यह एक ऐसा पहलू है जिस पर उनके संबंधित सुरक्षा अधिकारियों को ध्यान रखना चाहिए। फर्नांडो ने कहा कि सरकार ने गृह युद्ध के दौरान भी होटलों को सुरक्षा प्रदान नहीं की है।
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